हतबंध| ब्राह्मण पारा हतबंध में शुक्ला परिवार द्वारा आयोजित हरिवंश महापुराण कथा के द्वितीय दिवस कथा वाचक डॉ. महंत वेद प्रकाशाचार्य ने व्यासपीठ से श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने प्रहलाद का प्रसंग बताते हुए कहा कि नाम जप ही जीवन की सच्ची कमाई है, जिसके लिए मनुष्य को सदैव अभ्यास एवं चिंतन करते रहना चाहिए कथा के दौरान उन्होंने कहा कि मनुष्य की आयु भले ही 100 वर्ष निर्धारित मानी जाती है, लेकिन सद्कर्म में लगाया गया समय आयु में घटता नहीं, बल्कि निश्चित आयु में वृद्धि करता है और इससे समस्त कष्ट दूर होते हैं। उन्होंने जीवन की गुणवत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रोगी व्यक्ति की दीर्घ आयु भी कष्टदायक होती है, जबकि निरोगी व्यक्ति का बुढ़ापा भी सुखद होता है। आगे कथा में महाराज जी ने कपिल-देहूति संवाद के माध्यम से सांख्य योग का निरूपण करते हुए सृष्टि एवं काल का वर्णन किया।


