जिले के बिजयनगर रेप और ब्लैकमेलिंग मामले में जिला एवं सेशन न्यायालय ने सभी अभियुक्तों के विरुद्ध आरोप तय कर दिए हैं। न्यायालय ने 27 जनवरी को प्रकरण संख्या 60, 61 और 62/2025 में मुल्जिमों को आरोप सुनाए और समझाए। न्यायालय ने लुकमान उर्फ शोयब, करीम, सोहेल मंसूरी, आशिक, अब्दुल हकिम, रेहान, जावेद अली, अफरोज, अमन और अन्य के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, पोक्सो एक्ट सहित विभिन्न संगीन धाराओं में आरोप तय किए हैं। प्रकरण में राज्य सरकार ने जयपुर के एडवोकेट महावीर सिंह किशनावत को विशिष्ट लोक अभियोजक नियुक्त किया। कोर्ट में बहस के दौरान स्पेशल पीपी किशनावत ने तर्क दिया कि पुलिस की चार्जशीट, मेडिकल रिपोर्ट और पीड़ितों के बयानों के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य हैं। सभी अभियुक्तों ने आरोपों को अस्वीकार कर ट्रायल की मांग की है। न्यायालय ने अभियोजन पक्ष की साक्ष्य के लिए 12 और 13 फरवरी 2026 की तारीख तय की गई है। यह है मामला : मामला बिजयनगर थाना क्षेत्र में नाबालिग बच्चियों के साथ सुनियोजित षड़यंत्र के तहत दुष्कर्म और उन्हें ब्लैकमेल करने से जुड़ा है। पुलिस महानिदेशक और तत्कालीन एडीजीपी क्राइम एम.एन. दिनेश के सुपरविजन में गठित एसआईटी ने इस मामले की गहन जांच की। पुलिस ने आरोपियों को पकड़ न्यायालय में पेश किया। पुलिस ने समय पर चार्जशीट पेश की थी। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शीघ्र सुनवाई की मांग स्वीकार कर ली है।


