भास्कर न्यूज | जालंधर सतलुज दरिया में फिल्लौर के पास से सीवरेज के पानी का प्रदूषण आरंभ होता है। इसके बाद नूरमहल, नकोदर, लोहियां, शाहकोट का दरिया का पूरा पानी काला हो जाता है। जालंधर के बाद जिला मोगा व हरीके पत्तन के रास्ते राजस्थान तक ये गंदगी फैलती है। सतलुज में जालंधर तथा लुधियाना गंदगी फैला रहे हैं। जालंधर में काला संघियां ड्रेन की सफाई का काम चल रहा है व लुधियाना में बुड्ढा दरिया में। जालंधर के युवा बुड्ढा दरिया में पिछले कई हफ्ते से जुटे हैं। मंगलवार को संसद के चल रहे बजट सत्र में भाग लेने के बाद राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल सीधे बुड्ढा दरिया की चल रही कार सेवा में पहुंचे। उन्होंने भुखरी खुर्द गांव में चल रही खुदाई मशीनों को स्वयं चलाया और घंटों तालाब से गोबर निकालने में लगे रहे हैं। संत सीचेवाल ने बताया कि दरिया के साथ लगते इन गांवों का गंदा पानी पिछले काफी समय से बुड्ढा दरिया को प्रदूषित कर रहा था। प्रबंधन के अभाव में यह गंदा पानी सीधे दरिया में डाला जा रहा था। उन्होंने बताया कि भुखरी खुर्द गांव पवित्र बुड्ढा दरिया पर स्थित है। तालाब से चार से पांच फीट गोबर निकालने के बाद भी बताया जाता है कि इस तालाब में अभी भी करीब पांच से छह फीट गोबर है। तालाब से गोबर को मशीनों से हटाने के लिए पिछले तीन दिनों से लगातार काम चल रहा है। ये दरिया सतलुज को गंदा कर रहा है। संत सीचेवाल ने कहा कि बुड्ढा दरिया को प्रदूषित करने वाले समूचे गांवों के लिए सीचेवाल मॉडल के तहत पानी के ट्रीटमेंट की वैकल्पिक व्यवस्था भी की जाएगी। इसका पानी जल्द ही उपचारित कर खेती के उपयोग में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह मॉडल पंजाब के 200 से अधिक गांवों में सफलतापूर्वक लागू किया जा चूका है। यह मॉडल न केवल भूजल बचा रहा है, बल्कि फसल उत्पादन बढ़ाने में भी मददगार साबित हो रहा है। उधर, जालंधर के काला संघिया ड्रेन में गंदगी दूर करने के चल रहे कामों की रिव्यू बैठक इसी महीने होगी। काला संघियां ड्रेन के ब्यूटीफिकेशन का काम चल रहा है। लेकिन साथ ही प्रदूषण की भी समस्या है। लेदर कॉम्प्लेक्स, कालिया कॉलोनी, बावा खेल, फोकल पॉइंट के पास काला संघिया ड्रेन में सीवरेज गिराया जा रहा है।


