भारतीय जनता पार्टी द्वारा मनरेगा योजना के स्थान पर केंद्र सरकार द्वारा लाया गया विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) एक्ट का जिला सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें वक्ताओं ने वीबी जी राम जी के बारे में अपने विचार रखे और अधिनियम के बारे में कांग्रेस द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को उजागर करते हुए इसे देश के समग्र विकास के लिए एक महत्वपूर्ण अधिनियम बताया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह सिकरवार ने कहा कि राम राज्य की स्थापना के लिए और महात्मा गांधी की भावना के अनुरूप ही वीबी जी राम जी बिल लाया गया है। आखिर कांग्रेस और इंडी गठबंधन को विकसित भारत और भगवान राम के नाम से इतनी नफरत क्यों है? कांग्रेस कितनी भी साजिश रच ले, देश 2047 तक ’विकसित भारत’ बन कर रहेगा। उन्होंने बताया कि नई योजना में काम के दिन ज्यादा होंगे, तो साथ ही मजदूरों को पारिश्रमिक भी जल्दी मिलेगा। हर ग्रामीण परिवार को हर साल 125 दिन के रोजगार की गारंटी मिलेगी। नए कानून में चार प्राथमिकताओं पर फोकस किया गया है, जिसमे जल संबंधी कार्य, कोर-ग्रामीण बुनियादी ढांचा का निर्माण, आजीविका संबंधी बुनियादी ढाँचा का निर्माण और खराब मौसम के कारण काम में कमी को कम करना है। इससे जल सुरक्षा से खेती को बढ़ावा मिलेगा, सड़कें और कनेक्टिविटी से बाज़ार में सुधार होगा, भंडारण और आजीविका संपत्तियां ग्रामीण आय में वृद्धि लाएगी और जलवायु-अनुकूल कार्य गांवों को सशक्त बनायेंगे। गुना विधायक पन्नालाल शाक्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने या किसी के नाम पर योजना का नामकरण नहीं किया, बल्कि उन्होंने इसे सेवा से जोड़ा। जिसमें राजभवन को लोकभवन, राजपथ को कर्तव्य पथ, रेस कोर्स रोड को लोक कल्याण मार्ग और प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को सेवा तीर्थ नाम का नाम दिया गया। उनके सशक्त नेतृत्व से ही राम मंदिर, धारा 370 हटाने, तीन तलाक़ के खात्मे जैसे ऐतिहासिक निर्णय संभव हो पाए हैं । जिला पंचायत अध्यक्ष अरविंद धाकड़ ने कहा कि हर गरीब को रोजगार मिले और उसकी गरिमा का सम्मान हो। गरीब, जनजाति और पिछड़ा को रोजगार मिले, उसके लिए यह क़ानून आया है, इसका उद्देश्य विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप ग्रामीण विकास का नया ढांचा तैयार करना है। बैठक में विकसित भारत जी राम जी योजना जिला संयोजक महेंद्र किरार ने वीबी जी राम जी के उद्देश्यों, लाभों और क्रियान्वयन की प्रक्रिया पर विस्तारपूर्वक जानकारी साझा की तथा इसे जन-जन तक पहुँचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह योजना गाँवों को आत्मनिर्भर बनाने, परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त करने और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जिला मीडिया प्रभारी और सह संयोजक अंकुर श्रीवास्तव ने बताया कि वरिष्ठ नेतृत्व द्वारा दिए निर्देश के अनुसार अधिनियम के बारे में जिला, विधानसभा, मंडल एवं पंचायत स्तर पर जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है, ताकि लोगों तक इसे लेकर विपक्ष द्वारा फैलाय जा रहे भ्रम को दूर किया जा सके। सम्मेलन में बमोरी जनपद अध्यक्ष गायत्री भील, जिला महामंत्री रवींद्र रघुवंशी टिल्लू, संतोष धाकड़, चंद्र प्रकाश अहिरवार, देवेंद्र गुप्ता, नीरज निगम आदि उपस्थित रहे। संचालन सह संयोजक अनिरुद्ध मीना और आभार वीर बहादुर यादव ने व्यक्त किया।


