भास्कर न्यूज | लुधियाना लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की 6 विकास स्कीमों को अब फाइनली निगम को सौंपने का प्रपोजल मंजूर हो गया है। गत दिवस चंडीगढ़ में लोकल बाडीज मंत्री संजीव अरोड़ा ने पंजाब के सभी निगमों, इंप्रूवमेंट ट्रस्ट और नगर कौंसिल के अधिकारियों की मीटिंग बुलाई थी। इस मीटिंग में लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की 6 विकास स्कीमों शहीद भगत सिंह नगर, महाऋषि वाल्मीकि नगर, राजगुरु नगर, भारत नगर एक्सटेंशन, संत इसर सिंह नगर और सुखदेव एन्क्लेव में सभी प्रकार का विकास नगर निगम करवाएगा। बैठक में नगर निगम के अधिकारियों, ट्रस्ट के अधिकारियों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति में विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में यह फैसला लिया गया कि विभिन्न विभागों में सड़क निर्माण, पार्क निर्माण, स्ट्रीट लाइटों की स्थापना और ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों को तेज किया जाएगा और इन कार्यों की समीक्षा नगर निगम लुधियाना द्वारा की जाएगी। इस संबंध में इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के अधिकारियों ने रिपोर्ट पेश की है कि उनकी तरफ से शहीद भगत सिंह नगर में 6.65 करोड़ रुपए, महाऋषि वाल्मीकि नगर और राजगुरु नगर में 7.24 करोड़ से सड़क निर्माण के लिए टेंडर लगाए गए हैं। इन टेंडरों के अनुसार सड़कों का निर्माण कार्य 31-03-2026 तक पूरा करवाया जाएगा। इसके अलावा सभी स्कीमों की 2500 स्ट्रीट लाइटें पूरी तरह से कार्य पर हैं, सिर्फ कुछेक पोल की रिपेयरिंग होनी बाकी है, जो ट्रस्ट की तरफ से रिपेयर करवाई जा रही हैं, ये कार्य भी 31 मार्च 2026 तक पूरा हो जाएगा। उक्त सभी स्कीमों की पार्कों की रिपेयरिंग का काम ट्रस्ट द्वारा करवाया गया है, जबकि कुछ पार्कों की रिपेयर होनी बाकी है, उसे भी ट्रस्ट द्वारा 31 मार्च 2026 तक पूरा कर दिया जाएगा। इसके अलावा सभी स्कीमों में साफ सफाई का काम ट्रस्ट द्वारा 31 मार्च 2026 तक पूरा कर दिया जाएगा। जबकि पानी-सीवरेज की देखभाल की जिम्मेदारी पहले से ही नगर निगम द्वारा की जा रही है। इसके अलावा सभी स्कीमों को नगर निगम को देखभाल समेत बिल्डिंग कंट्रोल हैंडओवर की जाएंगी। विकास कार्यों और नए शुरू होने वाले प्रोजेक्टों को पूरा करने के लिए संबंधित ठेकेदारों को निर्धारित समय सीमा के भीतर विकास कार्य पूरा करना होगा। यदि कोई ठेकेदार निर्धारित समय तक कार्य पूरा नहीं करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और उसकी जमानत राशि जब्त की जा सकती है। जबकि आगामी 5 सालों तक सड़कों की मेंटीनेंस भी उन्हीं ठेकेदारों की रहेगी। साथ ही नगर निगम द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया है कि सभी विकास कार्यों की निगरानी की जाएगी और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अभी तक इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में पेयजल सप्लाई और सीवरेज संबंंधित शिकायतें दर्ज नहीं हो पा रही थी क्योंकि इसकी जिम्मेदारी निगम के पास थी। ट्रस्ट के पास सिर्फ सड़कें, पार्क और स्ट्रीट लाइट व सफाई की जिम्मेदारी थी। इसके चलते लोगों को कभी निगम तो कभी इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में चक्कर लगाने पड़ते थे। वहीं, ट्रस्ट में स्टाफ की कमी के चलते लोगों की समस्याएं समय पर हल नहीं हो पा रही थीं। ऐसे में अब एक ही विभाग के पास सारी जिम्मेदारी होने पर लोगों को सारी शिकायतें करने व अन्य सुविधाएं लेने में आसानी होगी।


