दुष्कर्म का प्रयास, 5 साल का कारावास

भास्कर न्यूज | टोंक अनुसूचित जाति–जनजाति अधिनियम के तहत दुष्कर्म का प्रयास करने के प्रकरण में दोष सिद्ध होने पर विशिष्ट न्यायाधीश (एससी–एसटी), टोंक आरती माहेश्वरी ने शुक्रवार को अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए विभिन्न धाराओं में 5 साल के कठोर कारावास व 61 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। अभियुक्त वजीरपुरा निवासी 51 वर्षीय शंकरलाल है। विशिष्ट लोक अभियोजक मेघराज जाट ने बताया कि परिवादीया ने 21 अक्टूबर 2017 को सदर थाने टोंक में एक लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार 20 अक्टूबर 2017 की अर्द्ध रात्रि करीब 11 बजे परिवादीया अपने कमरे में दो वर्षीय बच्ची के साथ सो रही थी, जबकि उसका पति दूसरे कमरे में था। इसी दौरान अभियुक्त शंकरलाल ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म का प्रयास किया। जागने पर परिवादीया ने आरोपी को धक्का देकर नीचे गिरा दिया और शोर मचाया। आवाज सुनकर उसका पति मौके पर पहुंचा, लेकिन आरोपी खुद को छुड़ाकर फरार हो गया। पड़ोसियों कमलेश व सत्यनारायण ने भी आरोपी को पकड़ने का प्रयास किया, परंतु वह अपनी मोटरसाइकिल मकान के बाहर छोड़कर भाग गया। सदर थाने में प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान के बाद अभियुक्त के खिलाफ आरोप-पत्र (चालान) न्यायालय में पेश किया गया। विशिष्ट लोक अभियोजक मेघराज जाट ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने प्रकरण में 13 गवाह, 24 दस्तावेज व 6 आर्टिकल्स पेश किए थे। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए उक्त सजा सुनाई है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *