इंदौर के भागीरथपुरा दूषित पानी मामले में अब तक 30 मौतें हो चुकी हैं, जबकि 450 से ज्यादा मरीज इलाज के बाद डिस्चार्ज किए जा चुके हैं। गुरुवार देर शाम बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती बुजुर्ग एकनाथ सूर्यवंशी को भी परिजन अपनी सहमति से डिस्चार्ज कराकर घर ले गए। वे एक माह से अस्पताल में भर्ती थे और 25 से ज्यादा दिनों तक वेंटिलेटर पर रहे। फिलहाल चार मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें से तीन मरीज, पार्वतीबाई, अनिता कुशवाह और अशोक मौर्य, बॉम्बे हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती हैं, जबकि एक मरीज अरविंदो हॉस्पिटल में भर्ती है। भागीरथपुरा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अभी भी 24 घंटे खुला है और दो एम्बुलेंस तैनात हैं। फिलहाल डायरिया के एक-दो मरीज ही सामने आ रहे हैं और उन्हें भी भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ रही है। भागीरथपुरा दूषित पानी मामले में ज्यादातर मरीजों के मल्टी ऑर्गन्स फेल होने से तकलीफें बढ़ीं। क्षेत्र में अब भी रहवासी सहमे हुए हैं। ये खबर भी पढ़ें.. इंदौर में दूषित पानी से 30वीं मौत इंदौर में दूषित पानी से बुधवार को 30वीं मौत हो गई। भागीरथपुरा में रहने वाले 62 वर्षीय लक्ष्मी रजक को दो दिन पहले उल्टी-दस्त की शिकायत हुई थी। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था परिजनों ने बताया कि भर्ती के दौरान उनकी किडनी भी खराब होने की जानकारी मिली। पढ़िए पूरी खबर।


