आईपीएस प्यारेलाल शिवरान का बीकानेर में स्थानांतरण, मूंगफली के लिए बारदाना और पानी की कमी से सुलग रही आंदोलन की आग को लेकर पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के बीच बुधवार की शाम 7:30 बजे लंबी बातचीत हुई। भाटी और मुख्यमंत्री के बीच हुई बातचीत के बाद जयपुर में प्रस्तावित धरना स्थगित हो गया है। बुधवार सुबह से ही मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी के संपर्क में आए। उन्हें जयपुर आने के लिए कहा। शाम तक भाटी जयपुर पहुंच गए। 7:15 बजे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ। भाटी ने प्यारेलाल आईपीएस के बारे में बातचीत की और मुख्यमंत्री ने स्थानांतरण का भरोसा दिया। साथ ही मूंगफली खरीद के लिए बार दाने की कमी को लेकर एक अधिकारी चिन्हित करने के लिए कहा ताकि किसानों की तौल हो सके। इसके बाद इंदिरा गांधी नहर में पानी की कमी से सुलग रहे आंदोलन की पूरी जानकारी मुख्यमंत्री को दी और कहा कि इस अगर अभी नियंत्रण नहीं किया तो घड़साना आंदोलन जैसा बड़ा आंदोलन होने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने मौके पर ही सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव से बातचीत कर इसे नियंत्रित करने के लिए कहा। इसके बाद सोलर को लेकर हो रही खेजड़ी की कटाई का मुद्दा भी भाटी ने रखा। मुख्यमंत्री ने अपने प्रमुख सचिव शिखर अग्रवाल को निर्देशित किया की खेजड़ी की कटाई रुकनी चाहिए। भाटी ने मुख्यमंत्री से कहा की खाद की कमी के लिए भी अधिकारियों को जिम्मेदारी दी जाए ताकि किसानों को तकलीफ न हो। दोनों पक्षों में बातचीत के बाद भाटी मुख्यमंत्री कार्यालय से बाहर निकले। उनके साथ कोलायत विधायक अंशुमान सिंह भाटी, कोलायत के पूर्व प्रधान जयवीर सिंह समेत तमाम भाजपा नेता मौजूद थे। भास्कर से बातचीत में भाटी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सारी बातें सुनीं और उनका समाधान करने का आश्वासन दिया। अब 6 फरवरी को विधानसभा के सामने प्रस्तावित धरना स्थगित कर दिया गया है।


