सतना में बस ऑपरेटरों की 60 घंटे से जारी हड़ताल गुरुवार देर रात समाप्त हो गई। यह हड़ताल पुराने बस स्टैंड से आईएसबीटी में बसों की पूरी तरह शिफ्टिंग के विरोध में 27 जनवरी से चल रही थी। फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने की घोषणा के बाद चित्रकूट, नागौद, बिरसिंहपुर और सेमरिया रूट के बस संचालकों ने हड़ताल वापस ले ली है। 27 जनवरी से जारी बस हड़ताल समाप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इन मार्गों पर बसों का संचालन 30 जनवरी से पहले की तरह पुराने बस स्टैंड से ही शुरू हो जाएगा। यथास्थिति का अर्थ है कि जो बसें जहां से चल रही हैं, वे सड़क सुरक्षा समिति की 9 फरवरी की बैठक के फैसले तक वहीं से संचालित होती रहेंगी। रीवा संभाग के कमिश्नर बीएस जामोद ने 18 दिसंबर को आईएसबीटी को बस स्टैंड के रूप में अधिसूचित किया था। हालांकि, चित्रकूट, नागौद, बिरसिंहपुर और सेमरिया रूट के बस संचालकों ने व्यवहारिक कठिनाइयां बताते हुए शिफ्टिंग से इनकार कर दिया था। एआरटीओ ने इन संचालकों को 6 फरवरी की शाम 5 बजे तक अपनी समस्याएं लिखित रूप में कार्यालय में जमा करने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि रीवा-मैहर और अमरपाटन रूट की बसें 15 जनवरी से आईएसबीटी से नियमित रूप से संचालित हो रही हैं। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस के निर्देश पर अपर कलेक्टर विकास सिंह की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। यह समिति बस ऑपरेटरों की समस्याओं का मूल्यांकन करेगी और अपना प्रतिवेदन 9 फरवरी को होने वाली सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में प्रस्तुत करेगी। समिति में एडिशनल एसपी शिवेंद्र सिंह, एआरटीओ संजय श्रीवास्तव, डीएसपी संजय खरे, एसडीएम सिटी राहुल सिलाडिया और नगर निगम के डिप्टी कमिश्नर सत्यम मिश्रा शामिल हैं। परमिट शर्तें तोड़ने पर एक और शोकाज इसी बीच परमिट शर्तों का उल्लंघन करते हुए यात्री बस नंबर एमपी 19 पी 2487 जिला कलेक्ट्रेट परिसर में ले जाने पर एआटीओ ने मोटर मालिक रत्नाकर चतुर्वेदी को कारण बताओ नोटिस देकर एक दिन में जवाब मांगा है। जवाब पेश नहीं करने पर बस का परमिट निरस्त करने चेतावनी दी गई है। आरोप है कि 28 जनवरी को यह बस कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर उस वक्त घुस आई जब कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में आईएसबीटी से संबंधित प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और वाहन स्वामियों की अहम बैठक चल रही थी। एआरटीओ ने बताया कि जांच में यह तथ्य सामने आया कि बस का परमिट सतना-पन्ना मार्ग (वाया नागौद- देवेन्द्र नगर) के लिए वैध है। जबकि बस को अपने निर्धारित मार्ग पर होना चाहिए था।


