नागौर में पुलिस प्रशासन ने नशा तस्करी से जुड़े मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण तोड़ा। अठियासन निवासी गोपाल विश्नोई के खिलाफ एनडीपीएस कानून के तहत दर्ज मामलों के आधार पर गोचर भूमि पर बने मकानों को तोड़ा गया। पुलिस और राजस्व विभाग ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई पूरी कानूनी प्रक्रिया के तहत की। उद्देश्य अवैध गतिविधियों से जुड़ी संपत्तियों को हटाना और नशा तस्करी के नेटवर्क पर रोक लगाना रहा। अठियासन में अवैध निर्माण पर कार्रवाई
पुलिस ने कुख्यात मादक पदार्थ तस्कर गोपाल विश्नोई के अवैध ठिकानों को चिन्हित किया। गोपाल विश्नोई के खिलाफ एनडीपीएस कानून के तहत तीन गंभीर मामले दर्ज हैं और हाल ही में उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। जांच में सामने आया कि उसने गोचर भूमि पर अवैध रूप से मकान बना रखे थे। गोचर भूमि पर बने तीन मकानों की पहचान
नागौर सीओ जतिन जैन ने बताया कि नशा तस्करी और अवैध धंधों से अर्जित धन से बने निर्माणों की पहचान की गई। गोचर भूमि पर बनाए गए तीन मकान सामने आए। इनमें से एक मकान, जो स्वयं गोपाल विश्नोई के नाम पर था, उसे सभी कानूनी और कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बुलडोजर से ध्वस्त किया गया। रिश्तेदारों के मकानों को नोटिस
बाकी दो मकानों में वर्तमान में लोग रह रहे हैं। प्रशासन ने नियमानुसार 15 दिन का नोटिस दिए। नोटिस अवधि पूरी होने के बाद इन अवैध निर्माणों पर भी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया कि नशा तस्करी से जुड़े किसी भी अवैध निर्माण को बख्शा नहीं जाएगा। 3 बीघा सरकारी गोचर भूमि पर अतिक्रमण
नागौर तहसीलदार नरसिंह टाक ने बताया कि अठियासन गांव के खसरा नंबर 406 की करीब 3 बीघा सरकारी गोचर भूमि पर अतिक्रमण किया गया था। जांच में पाया गया कि यह जमीन पशुओं के चरने के लिए आरक्षित है। राजस्व विभाग ने धारा 91 के तहत नोटिस जारी किए, लेकिन कोई भी व्यक्ति भूमि पर अपना कानूनी अधिकार साबित नहीं कर पाया। भारी पुलिस जाब्ता रहा तैनात
साक्ष्यों के अभाव और अवैध कब्जे की पुष्टि के बाद प्रशासन ने बेदखली के आदेश जारी किए। कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस जाब्ता तैनात रहा और अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया। पुलिस का कहना है कि नागौर में नशा तस्करी के खिलाफ इस तरह की कानूनी कार्रवाइयां आगे भी जारी रहेंगी। रिश्तेदारो के मकानों पर भी चलेगा बुलडोजर कार्रवाई के दौरान पुलिस ने स्पष्ट किया कि बाकी के दो मकानों में वर्तमान में लोग रह रहे हैं, जिन्हें नियमानुसार 15 दिन का नोटिस दिया गया है। नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद इन अवैध निर्माणों पर भी प्रशासन का बुलडोजर चलेगा। पुलिस का कहना है कि नागौर को नशा मुक्त बनाने के लिए भविष्य में भी इसी तरह की कठोर दंडात्मक कार्रवाइयां जारी रहेंगी, ताकि अपराधियों के बीच प्रशासन का भय बना रहे।


