पत्थर का काला कारोबार : देवरी में चल रहीं 19 अवैध खदानें, हर िदन 150 हाइवा पत्थर का खनन

भास्कर न्यूज | गिरिडीह/देवरी गिरिडीह जले के हीरोडीह व भेलवाघाटी इलाके में 19 पत्थर की खदानें संचालित है, जहां से हर दिन करीब 150 हाइवा पत्थर की तस्करी हो रही है। जिसमें खटोरी पंचायत के मौजा आमझर में 5 खदानें, इसी पंचायत के हथगढ़ एवं गिदहा क्षेत्र में 7 खदानें, नावाडीह में एक और दुनिसेर में 4 पत्थर खदानें अवैध रूप से चल रहे हैं। इन सारे पत्थर खदानों की लीज 2020 से 2025 के बीच समाप्त हो चुकी है। बावजूद िजला खनन विभाग की मिलीभगत से धंधेबाज अवैध रूप से पत्थरों का उत्खनन कर सरकार को राजस्व की बड़ी क्षति पहुंचा रहे हैं, और करोड़ों की कमाई कर रहे हैं। काले पत्थर के इस काले कारोबार में कोडरमा जिले के डोमचांच व नवलशाही के अलावा राजधनवार के कई नामचीन पत्थर माफिया शामिल हैं। जो अवैध खदानों में पोकलेन, जेसीबी से खुलेआम पत्थरों का उत्खनन कर एक बड़ा ​हिस्सा कोडरमा जिले में खपा रहे है, जबकि शेष पत्थर को खिजरसोता अथवा आसपास के क्रशरों में बेचा जाता है। इतना ही नहीं खदान में मौजूद चट्टानों को तोड़ने के िलए धंधेबाज गैरकानूनी रूप से िजलेटीन व विस्फोटक का इस्तेमाल करते हैं। जो चट्‌टानों में पहले मशीन से ड्रील करता है, फिर उसमंे जिलेटीन डालकर विस्फोट िकया जाता है। जबकि नियम है कि विस्फोटक का इस्तेमाल वैध खदानों में ही किया जा सकता है, वह भी खुद से नहीं बल्कि प्रशासन के आदेश पर एक्सपर्ट से विस्फोट कराने का प्रावधान है। लेकिन इन अवैध खदानों में मजदूर ही विस्फोट करने का काम करता है। जिससे आसपास के लोगों को जान माल की भी भारी क्षति हो रही है। अब सवाल उठता है कि इन धंधेबाजों को विस्फोटक की आपूर्ति कहां से होती है और स्थानीय थाना व प्रशासन ऐसे लोगों को कैसे छूट ​दिए हुए है। इस तरह अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे धंधेबाज हीरोडीह थाना क्षेत्र के खटोरी पंचायत अंतर्गत मौजा आमझर में संचालित 5 खदानों में सभी अवैध है। इसी में एक खदान मां शकुंतला आर मिनरल्स प्राईवेट लिमिटेड के नाम से संचालित था। जिसके संचालक राजधनवार के महेन्द्र मोदी का था। मोदी के अनुसार 21 िदसंबर 2025 को उसका लीज समाप्त हो चुका है, इसके बाद उसने सरेंडर कर दिया। लेकिन सच ये है कि यह खदान अब भी संचालित हो रहा है, जिसका अवैध संचालन धर्मेन्द्र यादव कर रहा है। लेकिन पर्दे के पीछे से कई लोग शामिल हैं। इसी पंचायत के हथगढ़ एवं गिदहा क्षेत्र में 7, दुनिसेर में 4 और नावाडीह में एक अवैध खदान संचालित है। िजसका संचालन िकसगो िनवासी उत्तम िसंह, पप्पू यादव, करिहारी िनवासी संजय यादव, िकशोरी यादव, नवलशाही निवासी शिवलाल साव कर रहें हैं। लेकिन सबकुछ जानते हुए भी जिला खनन विभाग अनजान बना हुआ है और रात-दिन धड़ल्ले से गैरकानूनी ढंग से पत्थरों का खनन कार्य चल रहा है। वहीं भेलवाघाटी थाना क्षेत्र के जेडो इलाके में एक वैध पत्थर खदान संचालित है। लेकिन इसके आड़ में यहां 3 अवैध खदानों चल रही है। खुलेआम ब्लास्टिंग कर तोड़े जा रहे है पत्थर स्थानीय लोगों का कहना है कि गैरकानूनी ढंग से चल रहे इन पत्थरों को प्रशासन अविलंब बंद कराए। अन्यथा लोगों का जीना दुभर हो गया है। एक तरफ विस्फोट से आसपास का इलाका डोल रहा है तो पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। क्योंकि धंधेबाज सिर्फ लूट में जुटे हैं। उसे न तो कानून का डर है और न ही पर्यावरण के प्रति प्रेम है। जहां तहां खोदकर सिर्फ पत्थर निकालना और उसका व्यापार कर कमाई करना मकसद है। जब मन तब ब्लास्टिंग कर दी जाती है। जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। ब्लास्टिंग के कारण पत्थर के टुकड़े उड़कर घरों और खेतों तक पहुंच जाता है। कई मकानों में दरारें पड़ चुकी हैं, जबकि धूल और तेज कंपन से बच्चों, बुजुर्गों एवं बीमार लोगों को गंभीर परेशानी हो रही है। इसके बावजूद खनन माफिया बेखौफ होकर दिन-रात खदान संचालन में जुटे हुए हैं। ग्रामीणों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे क्षेत्र में संयुक्त जांच अभियान चलाकर अवैध खदानों को सील किया जाए, दिनदहाड़े हो रही ब्लास्टिंग पर तत्काल रोक लगे और दोषी खनन संचालकों के साथ-साथ लापरवाह अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई की जाए। ताकि राजस्व की क्षति रोकी जा सके और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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