पीएम श्री विद्यालयों को मॉडल के रूप में विकसित करना हमारी जिम्मेदारी : कैसर

भास्कर न्यूज | गढ़वा झारखंड शिक्षा परियोजना गढ़वा के तत्वावधान में पीएम श्री विद्यालयों के सभी प्रधानाध्यापकों का एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। गढ़वा शहर के कचहरी रोड स्थित उत्सव गार्डन गढ़वा में आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पीएम श्री योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार तथा वित्तीय एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं की स्पष्ट समझ विकसित करना था। इस कार्यशाला में गढ़वा जिले के अंतर्गत संचालित सभी पीएम श्री विद्यालयों के प्रधानाध्यापक एवं प्रभारी प्रधानाध्यापक, प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रबंधक, जिला स्तरीय गठित समिति के सदस्य, संकुल साधन सेवी एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे। कार्यशाला का शुभारंभ जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रजा, जिला शिक्षा अधीक्षक अनुराग मिंज, अतिरिक्त जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सह प्रभाग प्रभारी कुलदीप अग्रवाल, सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार, रमन कुमार सिंह, प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी रंभा चौबे व विजय पांडेय के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया। उद्घाटन सत्र में अतिथियों ने पीएम श्री योजना को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उद्घाटन संबोधन में जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रजा ने कहा कि पीएम श्री विद्यालयों को मॉडल विद्यालय के रूप में विकसित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यालयों में आधारभूत संरचना, शैक्षणिक वातावरण, नवाचार, स्वच्छता, डिजिटल शिक्षा तथा सामुदायिक सहभागिता को प्राथमिकता देने पर बल दिया। वहीं जिला शिक्षा अधीक्षक अनुराग मिंज ने विद्यालय स्तर पर योजनाओं के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन, पारदर्शिता तथा उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कार्यशाला के तकनीकी सत्र में वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत पीएम श्री योजना में स्वीकृत बजट एवं कार्ययोजना की विस्तार से जानकारी दी गई। राज्य स्तर से निर्गत दिशा-निर्देशों, पत्रों एवं मानकों को सभी प्रतिभागियों के साथ साझा किया गया। ताकि विद्यालय स्तर पर किसी प्रकार की भ्रांति न रहे। इसके उपरांत केंद्रीय विद्यालय के शिक्षक हरिओम शुक्ला एवं अतिरिक्त जिला कार्यक्रम पदाधिकारी कुलदीप अग्रवाल द्वारा पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से एसक्यूएएफ (स्कूल क्वालिटी एसेसमेंट फ्रेमवर्क) पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने एसक्यूएएफ के प्रत्येक मानक एवं संकेतकों को स्टेप-बाई-स्टेप समझाते हुए बताया कि किस प्रकार विद्यालय अपनी स्व-मूल्यांकन प्रक्रिया को सुदृढ़ कर सकते हैं। वहीं गुणवत्ता आधारित सुधार सुनिश्चित कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त फंड एलोकेशन की प्रक्रिया, प्रिंटिंग एवं परचेज नियमावली, सेवाओं की खरीद, एनुअल ग्रांट का सदुपयोग, निःशुल्क यूनिफॉर्म वितरण, एफएलएन मेला के आयोजन तथा कम्युनिटी पार्टिसिपेशन से संबंधित सभी बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई। प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का समाधान भी सत्र के दौरान किया गया। कार्यशाला के समापन अवसर पर यह अपेक्षा व्यक्त की गई कि पीएम श्री योजना के अंतर्गत गढ़वा जिले के विद्यालय निर्धारित मानकों के अनुरूप विकसित होकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का उदाहरण प्रस्तुत करेंगे। वहीं छात्रों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।कार्यक्रम में संकुल साधन सेवी सह मीडिया प्रभारी देवेंद्र नाथ उपाध्याय, सुरेंद्रनाथ चौधरी, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी संतोष कुमार दुबे, सुनीता कुजूर, रवि कुमार सिंह, रवि वैद्य, एडमोन कच्छप, वीरेंद्र प्रसाद, विभा रानी कुजूर, रूम टू रीड इंडिया के प्रतिनिधि लखविंदर कुमार सहित अन्य अधिकारी, शिक्षक एवं कर्मी उपस्थित थे।

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