भास्कर न्यूज | गढ़वा रंका थाना क्षेत्र के मानपुर गांव निवासी जगरनाथ भुइयां के 34 वर्षीय पुत्र उमेश भुइयां का शव पुलिस ने संदिग्ध अवस्था में बरामद किया है। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। वहीं घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के भाई प्रताप भुइयां ने बताया कि उमेश भुइयां गासेदाग गांव स्थित एक ईंट भट्ठा में मजदूरी करता था। बीते दिन वह भट्ठा से ईंट लोड कर रंका में ईंट गिराने के लिए निकला था, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटा। जब सुबह तक उसकी कोई खबर नहीं मिली तो परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की। इसी दौरान सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली कि हरहे गांव के आसपास सड़क किनारे एक अज्ञात शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही प्रताप भुइयां मौके पर पहुंचे, जहां उन्होंने शव की पहचान अपने भाई उमेश भुइयां के रूप में की। शव की स्थिति देख परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। प्रताप भुइयां ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके भाई की हत्या कर उसे सड़क दुर्घटना का रूप देने के उद्देश्य से शव को सड़क पर फेंक दिया गया है। उन्होंने बताया कि पूर्व से गांव के ही एक व्यक्ति के साथ भूमि विवाद चल रहा था, जिससे इस घटना को लेकर संदेह और गहरा हो गया है। परिजनों का कहना है कि उमेश की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी, लेकिन जमीन विवाद के कारण उसकी जान ली गई। घटना की सूचना मिलने पर रंका थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू की। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की और घटनास्थल का मुआयना किया। फिलहाल पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, ताकि मौत के सही कारणों का खुलासा हो सके।


