परीक्षा के समय छात्रों पर रखें ध्यान, पेरेंट्स-टीचर्स में तालमेल जरूरी

परीक्षा के दौरान पेरेंट्स अपने बच्चों का विषेश ध्यान रखे। पेरेंट्स नियमित पेरेंट्स-टीचर मीटिंग में आएं और नियमित डायरी को देखें। -चंदर शेखर, प्रिंसिपल जतिंदर ग्रीनफील्ड स्कूल गुरुसर सुधार ^परीक्षा के समय टाइम मैनेजमेंट पर ध्यान देने की जरुरत है। स्टूडेंट्स स्कूल में पढ़ने के बाद घर में जाकर जरूर रिवीजन करें। पेरेंट्स को भी ध्यान देने की जरुरत है। -डॉ. मंदीप सिंह, प्रिंसिपल चहल स्वामी गंगा गिरि सीनियर सेकेंडरी स्कूल रायकोट ^बरसात या किसी अन्य कारणों से स्कूल की छुट्टियां लंबी हो जाती है। जिससे सिलेबस पूरा करने में दिक्कतें आती है। इसलिए स्कूल पर ही छुट्टियां का विषय छोड़ देना चाहिए। -मंदीप कौर, प्रिंसिपल बडिंग ब्रैंस इंटरनेशनल स्कूल रायकोट भास्कर न्यूज | लुधियाना परीक्षा का समय नजदीक आते ही स्टूडेंट्स में तनाव बढ़ने लगता है। ऐसे में पेरेंट्स और टीचर्स की भूमिका बेहद अहम हो जाती है। स्टूडेंट्स को न सिर्फ नियमित पढ़ाई करानी चाहिए, बल्कि स्कूल में पढ़ाए गए सिलेबस का घर पर रिवीजन भी जरूरी है। अच्छे अंकों के लिए सेल्फ रिवीजन और सही टाइम मैनेजमेंट सबसे अहम है। परीक्षा के दौरान स्टूडेंट्स को स्ट्रेस फ्री माहौल देना चाहिए, ताकि वे बेहतर प्रदर्शन कर सकें। दैनिक भास्कर की ओर से रायकोट स्थित बडिंग ब्रैंस इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित ग्रुप डिस्कशन में परीक्षा तैयारी, पेरेंट्स की भूमिका और स्कूल-कम्युनिकेशन जैसे अहम बिंदुओं पर चर्चा की गई। चर्चा में सामने आया कि अभी भी कई पेरेंट्स स्कूल की पीटीएम में नियमित रूप से शामिल नहीं होते। कुछ पेरेंट्स तो सालभर स्कूल नहीं आते, जबकि पीटीएम स्टूडेंट्स की प्रगति समझने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। ^स्कूल में 40 मिनट के पीरियड में जो पढ़ाया जाता है स्टूडेंट्स वह घर में नहीं पढ़ते हैं। कम से कम पढ़ाए गए हर टॉपिक को हर में 10 से 20 मिनट जरूर पढ़ें। जिससे स्टूडेंट्स परीक्षा के समय स्ट्रेस से दूर होंगे। पेरेंट्स को ध्यान देने की जरूरत है। -मंदीप सिंह, टीचर शोभा सिंह पब्लिक स्कूल टीचर्स ने कहा कि कई बार पेरेंट्स टीचर्स के फोन तक रिसीव नहीं करते। जब सिलेबस अधिक हो जाता है, तभी पेरेंट्स स्कूल का रुख करते हैं। पेरेंट्स अपने बच्चों का मंथली रिपोर्ट कार्ड और डायरी नियमित रूप से जरूर देखें। बारिश या अन्य कारणों से स्कूल की छुट्टियां लंबी हो जाती हैं, जिससे सिलेबस पूरा करने में परेशानी आती है। इसलिए छुट्टियों का फैसला स्कूल प्रबंधन पर ही छोड़ देना चाहिए। छोटे बच्चों की खराब मौसम में छुट्टी समझ में आती है, लेकिन बड़े बच्चों को हर परिस्थिति के लिए मानसिक और शैक्षणिक रूप से मजबूत बनाना जरूरी है। बडिंग ब्रैंस इंटरनेशनल स्कूल के डायरेक्टर पवनदीप सिंह ढिल्लों, प्रिंसिपल मंदीप कौर, शोभा सिंह पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल कविता शर्मा, जीतेंद्र ग्रीनफील्ड स्कूल गुरुसर से प्रिंसिपल चंदर शेखर, स्वामी गंगा गिरि सीनियर सेकेंडरी स्कूल रायकोट से प्रिंसिपल डा. मंदीप सिंह चहल, बडिंग ब्रैंस इंटरनेशनल स्कूल से टीचर हेड मिस्ट्रेस अमन शारदा, सतिंदर कौर, नीरू जैन,तन्नू जिंदल मौजूद रहे।

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