संजय तिवारी | अमृतसर घरिंडा के खासा में साढ़े 51 किलो हेरोइन समेत पकड़े तलवंडी राय दादू के 2 आरोपियों के साथ वीरवार रात को गया तीसरा युवक हरदेव सिंह गायब है। शुक्रवार दोपहर तक एक नाबालिग समेत इन तीनों लड़कों के परिवार उन्हें लापता समझकर जगह-जगह तलाश रहे थे। इसी बीच करीब डेढ़ बजे नाबालिग और गुरजीत के पकड़े जाने की सूचना मिली तो दोनों के परिवार हैरान हो गए। नाबालिग की मां जमीन पर लेटकर रोने लगी। बोलीं उसे फंसा दिया गया है। काफी देर तक लगातार रोते रहने से वह बेसुध तक हो गई। इसी तरह गुरजीत का परिवार भी स्तब्ध हो गया। पिता चिंतित हो गए। तीनों युवक वीरवार शाम 6 बजे गांव से एक बाइक पर निकले थे जिसके बाद घर नहीं लौटे। तीनों गरीब परिवार हैं। मजदूरी करते हैं। संभवतया इसी का फायदा उठाकर बड़े तस्करों ने उन्हें सप्लाई के इस खेप में इन्वाल्व किया है। तीनों का पुराना कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। हालांकि हैरानीजनक यह रहा है कि गांववाले भी यही मान रहे हैं कि उन्हें झांसे लेकर किसी ने फंसाया है। जुवेनाइल जस्टिस एक्ट, 2015 धारा 74 के तहत, नाबालिग आरोपी की पहचान सार्वजनिक करना अपराध है। इसमें 6 माह की जेल हो सकती है। यह पुलिस अफसर पर भी लागू होता है। पुलिस को उम्र जांचनी चाहिए थी। एडवोकेट रजनी बाला पुलिस ने हेरोइन बरामदगी का जो प्रेस नोट जारी किया उसमें नाबालिग आरोपी का का नाम भी लिख दिया। जो कि जुवेनाइल जस्टिस एक्ट का उल्लंघन है। जब दैनिक भास्कर की टीम आरोपी के गांव पहुंची तो परिवार ने उसकी उम्र 16 साल 4 महीने बताई। नाबालिग की माता ने बताया कि जब इकलौता बेटा रात हरदेव की बाइक पर गुरजीत के साथ निकले थे। शुक्रवार दोपहर एक बजे सभी परिवार साथ में थाने में मिसिंग रिपोर्ट देने जा रहे थे कि इतने में पता चला कि उनकी गिरफ्तारी हो गई है। बेटा 10वीं पास है और मजदूरी भी काम करता है। “आधार’ के मुताबिक नाबालिग का जन्म सितंबर 2009 का है। 28 वर्षीय आरोपी गुरजीत के पिता बलकार सिंह ने बताया कि बेटा हेरेाइन की सप्लाई करता होता तो उनके पास कोठी, गाड़ियां होती। टूटा मकान नहीं। वहीं हरदेव सिंह की मां निंदर कौर ने बताया कि उनका बेटा गुरजीत और नाबालिग के साथ गया था। लेकिन वापस नहीं आया है। उन्हें डर है कि बेटे को कुछ हो न गया हो। वह खुद भट्ठे पर काम करते हैं। बेटा भी मजदूरी का काम करता है।


