लुधियाना के जगराओं में वो परिवार सामने आ गया है जिसे रेबीज के लक्षण बता कर PGI चंडीगढ़ रेफर किया था। परिवार के सातों सदस्य बिल्कुल ठीक हैं और अपने घर पहुंच चुके हैं। परिवार का कहना है कि पांच छह दिन पहले उनके एक बच्चे के हाथ में कुत्ते का दांत लग गया था। उसे टीका लगवाने के लिए सिविल अस्पताल ले गए थे। पूरा परिवार साथ ही था। डॉक्टर ने बच्चे को चेक किया और कहा कि इसे बड़ी बीमारी है। इसको PGI चंडीगढ़ ले जाना पड़ेगा। परिवार का कहना है कि डाॅक्टरों ने एंबुलेंस में पूरा परिवार बैठाया और चंडीगढ़ पीजीआई भेज दिया। पीजीआई के डॉक्टरों ने उन्हें चेक किया और बिना टेस्ट किए कह दिया कि तुम्हें कोई बीमारी नहीं है अपने घर जाएं। उनका कहना है कि पीजीआई के डॉक्टरों ने रात को 12 बजे उन्हें वापस भेज दिया था। हालांकि, परिवार को एतिहात के तौर पर सोमवार को फिर से ब्लड सेंपल देने के लिए बुलाया गया है ताकि यह कंफर्म हो जाए कि उन्हें रेबिज नहीं हुआ है। परिवार बोला, सभी स्वस्थ हैं संतोष कुमार ने बताया कि उनका पूरा परिवार स्वस्थ्य है। उन्होंने कहा कि उन्हें आज सुबह पता चला कि सभी जगह खबरें चल रही हैं कि उनको कुत्ते के काटने वाली बीमारी हो गई है। उन्हें डर है कि इस वजह से उनकी रोजी रोटी न चले जाए। बच्चे के हाथ में कुत्ते का दांत लगा था संतोष कुमार ने बताया कि उनके घर के पास एक कुत्ता है और चार पांच दिन पहले खेलते हुए उसके हाथ में कुत्ते का दांत लग गया था। एतिहात के तौर पर उसे इंजेक्शन लगाने के लिए सिविल अस्पताल ले गए। अस्पताल में डॉक्टरों ने पूछा तो उन्हें बताया कि उनका एक पालतू कुत्ता भी था जिसने सभी को अलग अलग समय पर काटा था। करीब छह महीने प हले उसे छोड़ दिया था। उसके बाद डॉक्टरों ने कहा कि उनमें खतरनाक बीमारी के लक्षण हैं। डाॅक्टरों ने फिर उन्हें टीका भी नहीं लगाया। पीजीआई के डॉक्टरों ने कहा, कुछ नहीं हुआ संतोष कुमार ने बताया कि जब उनका परिवार एंबुलेंस में जा रहा था तो डॉक्टरों ने सभी को मास्क पहना दिए थे। पूरा परिवार सहमा हुआ था कि आखिर उन्हें कौन सी बीमारी हो गई। लेकिन जब पीजीआई पहुंचे तो वहां डॉक्टरों ने देखा और कहा कि कुछ नहीं हुआ घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों ने कहा कि अगर बीमारी होती तो तुम्हें घर नहीं भेजते बल्कि एडमिट करते। उसके बाद पीजीआई के डाॅक्टरों ने उन्हें वापस भेज दिया। पीजीआई के डॉक्टरों ने सिविल अस्पताल जगराओं को भी सूचित कर दिया कि इनमें रेबिज के कोई लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हैंं।
SMO बोली दो बच्चों के लक्षण दिख रहे थे जगराओं सिविल अस्पताल की एसएमओ डॉ गुरविंदर कौर के अनुसार संतोष कुमार की 15 वर्षीय लड़की और 10 वर्षीय बच्चे में कुछ लक्षण दिखाई दे रहे थे, जिस पर उन्होंने पीजीआई से संपर्क किया। पीजीआई की सलाह पर परिवार को जांच के लिए रेफर किया गया। उन्होंने बताया कि परिवार उस समय काफी डरा हुआ था।
एसएमओ ने यह भी कहा कि परिवार ने बताया था कि उनके पालतू कुत्ते ने परिवार के लोगों को दांत मारे थे। जबकि एक बच्चे को कुछ दिन पहले बाहर कुत्ते ने दांत मारा था। उन्होंने कहा कि जिस बच्चे को कुत्ते ने हाल ही में काटा था उसके मुंह से लार टपक रही थी। ऐसे में उसे एंटी रेबीज का इंजेक्शन नहीं लगा सकते थे। पीजीआई के डॉक्टरों से इस संबंध में सलाह ली तो उन्होंने परिवार को पीजीआई भेजने को कहा। पीजीआई ने उन्हें जांच के बाद वापस भेज दिया है। हालांकि सोमवार को उन्हें दोबारा ब्लड टेस्ट के लिए बुलाया है।


