वेटरनरी हॉस्पिटल में गंदगी देख भड़के कलेक्टर:बोले-यहां जानवरों का इलाज होता है, अगली बार सफाई नहीं मिली तो एक्शन होगा

चित्तौड़गढ़ कलेक्टर वेटरनरी हॉस्पिटल में गंदगी देख भड़क गए। उन्होंने अधिकारियों को साफ हिदायत दी- यदि अगली बार यहां गंदगी मिली को कार्रवाई हाेगी। दरअसल, कलेक्टर आलोक रंजन शनिवार को हॉस्पिटल का निरीक्षण करने पहुंचे थे। यहां पूरे परिसर में जगह-जगह गंदगी फैली हुई थी। गंदगी देख कलेक्टर बोले- यहां बीमार जानवरों का इलाज किया जाता है। अगर इलाज की जगह ही साफ नहीं होगी तो जानवरों का ठीक से उपचार कैसे संभव है। उन्होंने साफ कहा कि गंदगी के कारण इन्फेक्शन फैलने का खतरा रहता है, जिससे पशुओं की हालत और ज्यादा खराब हो सकती है।
स्वच्छता को बताया इलाज की पहली शर्त कलेक्टर गंदगी देख नाराज भी हुए। वे बोले- किसी भी हॉस्पिटल में साफ-सफाई सबसे जरूरी होती है, चाहे वह इंसानों का हॉस्पिटल हो या पशुओं का। गंदे माहौल में इलाज करना न केवल गलत है, बल्कि यह मरीजों की जान के लिए भी खतरा बन सकता है। कलेक्टर ने अधिकारियों को चेताया कि अगर समय रहते सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो सख्त कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि हॉस्पिटल परिसर को रोजाना साफ रखा जाए, ताकि आने वाले पशु मालिकों को भी अच्छा माहौल मिल सके और जानवरों का इलाज बिना किसी खतरे के किया जा सके। ऑफिस में अव्यवस्था देख फिर नाराज हुए कलेक्टर निरीक्षण के दौरान जब कलेक्टर हॉस्पिटल के कार्यालय पहुंचे तो वहां की स्थिति भी बहुत खराब पाई गई। कार्यालय में साफ-सफाई नहीं थी और फाइलें इधर-उधर बिखरी हुई थीं। ये देख कलेक्टर नाराज हुए और कहा- कार्यालय में अव्यवस्था होने से कामकाज प्रभावित होता है और जरूरी रिकॉर्ड समय पर नहीं मिल पाता। इससे आम जनता और पशुपालकों को परेशानी होती है। कलेक्टर ने कर्मचारियों को निर्देश दिए कि सभी फाइलों को व्यवस्थित तरीके से रखें और कार्यालय को साफ-सुथरा बनाए रखें, ताकि काम में पारदर्शिता और गति बनी रहे। रजिस्टर से लेकर स्टोर रूम तक हुआ निरीक्षण जिला कलेक्टर ने हॉस्पिटल की व्यवस्थाओं को परखने के लिए उपस्थिति रजिस्टर, ड्रेसिंग रूम, स्टोर रूम और कार्यालय के पोर्च का भी निरीक्षण किया। उन्होंने देखा कि कर्मचारी समय पर आ रहे हैं या नहीं और जरूरी सुविधाएं सही हालत में हैं या नहीं। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी इक्विपमेंट्स का सही तरीके से रख-रखाव किया जाए। उन्होंने कहा कि इलाज में इस्तेमाल होने वाले इक्विपमेंट्स अगर खराब या गंदे होंगे तो पशुओं को बेहतर उपचार नहीं मिल पाएगा। स्टोर रूम में रखी सामग्री को भी व्यवस्थित रखने के आदेश दिए गए। कलेक्टर को देखते ही शुरू हुई सफाई निरीक्षण के दौरान यह भी देखने को मिला कि कलेक्टर के हॉस्पिटल पहुंचते ही परिसर में आनन-फानन में सफाई शुरू कर दी गई। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सफाई सिर्फ निरीक्षण के समय नहीं, बल्कि रोजाना होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को समय पर ड्यूटी पर आने और अपने दायित्वों का ईमानदारी से पालन करने की हिदायत दी। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि पशु चिकित्सालय में आने वाले मरीजों को बेहतर सुविधाएं देना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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