भास्कर न्यूज | अमृतसर/अजनाला अमेरिका से डिपोर्ट अजनाला के गांव सलेमपुरा के दलेर सिंह और राजाताल के आकाशदीप ने अपनी आपबीती सुनाई। उन्हें बंधक बनाकर लाया गया और पहले बताया नहीं गया कि उन्हें अमृतसर भेजा जा रहा है। वह यही समझते रहे कि अमेरिका की ही किसी अन्य सिटी में भेजे जा रहे हैं मगर जब पता चला कि अमृतसर पहुंच चुके हैं तो बड़ा झटका लगा। दलेर ने कहा कि यहां पहुंचकर एजेंट से संपर्क किया लेकिन उसने फिर से धमकाना शुरू कर दिया। एजेंट ने कहा कि जो मर्जी कर लें उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। दलेर ने बताया कि 120 किमी पैदल चलकर साढ़े 3 दिन में पनामा के जंगल को पार किया था। उनके ग्रुप में 8-10 लोग थे, जिनमें नेपाल के नागरिक और महिलाएं भी शामिल थीं। हमारे साथ एक गाइड (डोंकर) था, जो रास्ता दिखाता था। लेकिन सफर इतना खतरनाक था कि हर कदम पर जान का खतरा बना रहता था। पनामा के जंगल को पार करने के बाद वह मैक्सिको पहुंचे और वहां से अमेरिका के तेजवाना बॉर्डर की ओर बढ़े। लेकिन 15 जनवरी 2025 को उन्हें अमेरिकी अधिकारियों ने गिरफ्तार कर लिया। हमारे सारे सपने यहीं खत्म हो गए।


