सहायक शिक्षक पद के लिए 5 फरवरी 2025 से शुरू होने वाली काउंसिलिंग प्रक्रिया में शामिल होने के लिए याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट हस्तक्षेप की मांग की थी। याचिकाकर्ताओं के पास डीएड डिग्री सहित सभी आवश्यक योग्यताएं थीं। लेकिन विज्ञापन में बीएड, डीएड या बीएलएड में से किसी एक डिग्री का उल्लेख करने की शर्त थी। गलतफहमी के कारण उन्होंने केवल बीएड डिग्री का उल्लेख किया। हाई कोर्ट के जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की सिंगल बेंच ने अंतरिम रूप से याचिकाकर्ताओं को काउंसिलिंग में शामिल करने के निर्देश दिए हैं।
स्वाति देवांगन समेत अन्य ने हाई कोर्ट में याचिका लगाई है, इसमें 5 फरवरी 2025 से सहायक शिक्षकों की नियुक्ति के लिए शुरू हो रही काउंसिलिंग में शामिल करने के निर्देश देने की मांग की है। याचिका में बताया है कि सुप्रीम कोर्ट ने 11 अगस्त 2023 को आदेश दिया था कि प्राइमरी स्कूलों में सहायक शिक्षकों की भर्ती में केवल डीएड या डीईआईएड डिग्री वालों को ही पात्र माना जाएगा। इस फैसले के बाद बीएड डिग्री वाले प्रक्रिया से बाहर कर दिए गए थे।


