बच्चे बने राधा-कृष्ण, महिलाएं सिर पर कलश लेकर चलीं:फूल बरसाकर किया स्वागत, प्रतिभाओं का हुआ सम्मान; विश्वकर्मा जयंती पर निकाली शोभायात्रा

बाड़मेर शहर में शनिवार को भगवान विश्वकर्मा की जयंती पर शोभायात्रा निकाली गई। घोड़ों पर पारंपरिक वेशभूषा पहनकर युवा भी शामिल हुए। झांकियों में बच्चों और युवाओं ने राधा-कृष्ण और शिव दरबार का रूप धारण किया। जयंती को लेकर दिनभर धार्मिक व सांस्कृति प्रोग्रामों का आयोजन किया गया। शोभायात्रा शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए जागिड समाज भवन पहुंची। वहां पर समाज की प्रतिभाओं का सम्मान किया गया। दरअसल, जागिड़ समाज के आराध्य देव विश्वकर्मा भगवान की जयंती पर शनिवार को जिले भर अलग-अलग प्रोग्राम हुए। शोभायात्रा में समाज की महिलाएं एवं युवतियां सिर पर कलश लेकर शामिल हुई। आगे घोड़े पर पारंपरिक वेशभूषा पहनकर हाथों में धर्म ध्वजा लेकर साथ चले। इस दौरान भगवान विश्वकर्मा की तस्वीर रथ में सबसेे आगे रही। फूल बरसाकर किया स्वागत शोभायात्रा पुराना पावर के सामने विश्वकर्मा मंदिर से प्रबुद्धजनों ने हरी झंडी दिखाकर शोभायात्रा को रवाना। शहर के तनसिंह सर्किल, पनघट रोड, पुराना सुथारों का वास, गांधी चौक, स्टेशन रोड, अहिसा सर्किल, विवेकानंद सर्किल होते राय कॉलोनी विश्वकर्मा भवन पहुंची। जहां भोजन प्रसादी का आयोजन किया गया। इस दौरान शोभायात्रा का जगह-जगह फूल बरसाकर स्वागत किया गया। झांकियां रही आकर्षण केंद्र शोभायात्रा में बच्चे, युवा अलग-अलग देवी देवताओं के वेश धारण शामिल हुए। इसमें जिनमें भगवान विश्वकर्मा, राधा-कृष्ण और शिव दरबार की झलक ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण सुसज्जित झांकियां रहीं, जिनमें भगवान विश्वकर्मा, राधा-कृष्ण और शिव दरबार की झलक ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इसके विश्वकर्मा भवन में समाज की प्रतिभाओं का सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जांगिड़ समाज अध्यक्ष प्रभुदयाल धीर ने सभी को जयंती की शुभकामनाएं देते हुए समाज को संगठित और सशक्त बनाकर देश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।

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