ग्राम पंचायत छीपाबड़ौद में प्रशासक नियुक्ति को लेकर चल रहे विवाद के कारण डेढ़ माह से कामकाज ठप है। इस स्थिति से सफाई कर्मचारियों का दो माह का वेतन अटक गया है, जिसके चलते उन्होंने हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल के कारण कस्बे की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। जानकारी के अनुसार, पहले जिला कलेक्टर के आदेश पर सीमा जैन को प्रशासक पद से हटाया गया था। इसके बाद उपसरपंच संजीदा को प्रशासक बनाया गया, लेकिन उन्हें हटाए बिना ही रेखा गोयल को नियुक्त कर दिया गया। इसी बीच, उच्च न्यायालय ने सीमा जैन को पद से हटाने के आदेश पर रोक लगा दी, हालांकि उन्हें अभी तक प्रशासक का चार्ज नहीं मिला है। सफाई कर्मचारियों को पिछले दो माह से वेतन अटका इस प्रशासनिक असमंजस का सीधा असर पंचायत व्यवस्था पर पड़ा है। पंचायत में कार्यरत सफाई कर्मचारियों को पिछले दो माह से वेतन नहीं मिला है। वेतन न मिलने से नाराज कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी है, जिसके परिणामस्वरूप पूरे छीपाबड़ौद कस्बे में जगह-जगह गंदगी के ढेर लग गए हैं। मामले को लेकर दैनिक भास्कर ने छीपाबड़ौद उपजिला कलेक्टर अभिमन्यु सिंह कुंतल से बात की। उन्होंने बताया कि उन्हें सफाई कर्मचारियों की हड़ताल की जानकारी मिली है और इस समस्या के समाधान के लिए ब्लॉक विकास अधिकारी राधेश्याम भील को निर्देश दिए गए हैं। ब्लॉक विकास अधिकारी ने क्या कहा वहीं, ब्लॉक विकास अधिकारी राधेश्याम भील ने जानकारी दी कि जिला अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में ग्राम पंचायत छीपाबड़ौद की प्रशासक रेखा गोयल ही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उच्च न्यायालय द्वारा सीमा जैन को हटाने के आदेश पर रोक लगाई गई है, लेकिन विभाग को अभी तक इसका औपचारिक पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। इस असमंजस को लेकर उच्च अधिकारियों से मार्गदर्शन मांगा गया है और स्पष्ट आदेश मिलते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासक विवाद में उलझी पंचायत व्यवस्था और सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से आमजन परेशान है। प्रशासनिक स्तर पर स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अभाव में यह स्थिति और अधिक जटिल होती जा रही है।


