बूंदी जिले के देईखेड़ा कस्बे में रविवार को केंद्र सरकार के यूजीसी कानून के विरोध में प्रदर्शन किया गया। व्यापार मंडल के आह्वान पर कस्बे के बाजार बंद रहे। ग्रामीणों ने राष्ट्रपति के नाम देईखेड़ा थानाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कानून को रद्द करने की मांग की। विरोध प्रदर्शन के दौरान देईखेड़ा कस्बे के मुख्य बाजार, बस स्टैंड और नोटाडा तिराहा सहित अन्य बाजारों में दुकानदारों ने स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। यह बंद शांतिपूर्ण रहा और प्रदर्शनकारियों ने कानून के खिलाफ अपनी आवाज उठाई। देईखेड़ा व्यापार मंडल अध्यक्ष दिनेश व्यास ने बताया कि केंद्र सरकार का यह कानून शिक्षण संस्थानों में सामाजिक समरसता और आपसी सौहार्द को खत्म कर देगा। उन्होंने यह भी कहा कि संविधान के सेक्शन 3 में यूजीसी कानूनों के लिए पहले से ही प्रावधान मौजूद हैं, ऐसे में नए कानून की कोई उपयोगिता नहीं है।
प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन देईखेड़ा थानाधिकारी के माध्यम से एएसआई कन्हैयालाल मीणा को सौंपा। ज्ञापन में यूजीसी कानून को तत्काल निरस्त करने की मांग की गई है। इस विरोध प्रदर्शन में व्यापार मंडल के महामंत्री तेजराज हाड़ा, रुद्रेश तिवाड़ी, ललित गौतम, गणेश बेरागी, पवन प्रजापति, शुभम नंदवाना, रामबिलास गुर्जर, राकेश सैन, हनुमान गुर्जर, कोशल गौतम, विशाल सेन, महिपत सिंह, शिव व्यास, कर्ण सिंह, प्रधान गुर्जर, केशर सिंह, भंवर सिंह और भवानीशंकर शर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।


