आम बजट पर ग्वालियर में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। एक तरफ जहां व्यापारी वर्ग नाखुश नजर आया तो दूसरी तरफ भाजपा नेता इसे आम आदमी का बजट बता रहे हैं। वही, बात अगर आम आदमी की की जाए तो लोग नई दुकान में पुराना सामान बता रहे हैं। वित्तमंत्री निर्मला सीतारामण ने रविवार को संसद में आम बजट पेश किया। ग्वालियर मे भाजपा नेताओं ने इसे सुनने और देखने के लिए शहर के जीवाजी क्लब में ख़ास इंतजाम किए थे। जहां बड़ी LED पर सभी ने सामूहिक रूप से बजट देखा। भाजपा नेताओं ने बजट की सराहना करते हुए बजट को लोक कल्याणकारी, देश के विकास को और तेज गति से आगे ले जाने वाला बजट बताया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री नारायण सिंह कुशवाह और पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया सहित अन्य नेता मौजूद थे। देश के हर क्षेत्र का बजट भाजपा नेता जयभान सिंह पवैया ने कहा कि बजट आम आदमी का बजट है। देश के हर क्षेत्र के लिए यह बजट है। बड़ी बीमारियों के लिए दवाओं का सस्ता होना किसी वरदान से कम नहीं है। शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव है। एकाध यूनिवर्सिटी का खुलना तो सुना था लेकिन इस बार 5 सेंट्रल युनिवर्सिटी का देना हमारे युवाओं के लिए वरदान है। जो 7 नए ट्रेन सर्किट की घोषणा की गई है। ये रेलवे के नई क्रांति की शुरुआत होगी। जैसे हमने वंदे भारत को सफल बनाया भारत में। उन्होंने कहा कि टूरिज्म की दृष्टि से 10 हजार टूरिस्ट गाइड़ की भर्ती की घोषणा ये पर्यटन में एक ऐतिहासिक कदम है। खासतौर पर रिलिजियस टूरिज्म देश की बहुत बड़ी आधार शिला बना हुआ है। इसके अलावा हमारे एमीसेमी जो छोटे उद्यमी हैं उनके लिए बड़े बजट की घोषणा की गई है। जिससे रोजगार के क्षेत्र में युवाओं को काफी मदद मिलेगी। सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए सोलर उपकरणों को सस्ता करना देश में बिजली की किल्लत को खत्म करने में सहयोगी होगी। छात्रा ने कहा-महिलाओं के लिए सहयोगी बजट को लेकर छात्रा अनुभवी शर्मा ने बताया कि महिला शिक्षा और कौशल को लेकर घोषणा की गई। जो महिलाओं के लिए सहयोगी साबित होगी। इसके अलावा लखपति दीदी योजना भी ग्रामीण स्तर महिलाओं के लिए कार्य करेगी। उनके स्वाबलंबी बनाने में भी सहयोग देगा। इसके माध्यम से सस्ते ब्याज दर पर महिलाओं को लोन की सुविधा से उन्हें प्रोत्साहन भी मिलेगा। ग्वालियर को थी नए प्रोजेक्ट की आवश्यकता मध्य प्रदेश चेंबर ऑफ कॉमर्स के मन सेवी सचिव दीपक अग्रवाल का कहना है कि बजट से व्यापार जगत को काफी अपेक्षाएं थीं। वर्तमान में जो ट्रंप टैरिफ चल रहा है। उसमें एक बड़े पैकेज की आवश्यकता थी। जो नहीं मिला। वहीं इनकम टैक्स को लेकर भी कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। बीते कई सालों से विकास के मामले में ग्वालियर काफी बुरे दौर से गुजर रहा है। ऐसे शहरों के लिए स्मार्टसिटी जैसे कुछ नए प्रोजेक्ट की आवश्यकता थी। जिसमें पूरी तरह से निराशा ही हाथ लगी है। बहुत ही साधारण सा बजट आज रहा है।


