जल-जंगल बोलने नहीं, बचाने से अपने होते हैं

भास्कर न्यूज | दंतेवाड़ा वनमंडल अंतर्गत काष्ठागार डिपो, आंवराभाटा में तेंदूपत्ता शाखकर्तन, तेंदूपत्ता संग्रहण एवं आग से वनों की सुरक्षा विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधायक चैतराम अटामी, कार्यक्रम अध्यक्ष सीसीएफ जगदलपुर वृत्त आलोक तिवारी, डीएफओ दंतेवाड़ा रंगनाधा राधाकृष्णा वाय, प्रशिक्षु एसडीओ दंतेवाड़ा, गीदम, दंतेवाड़ा, बचेली एवं बारसूर के रेंजर, प्रबंधक, फड़मुंशी, जनप्रतिनिधि तथा वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सीसीएफ जगदलपुर वृत्त आलोक तिवारी ने कहा कि जंगल को आग से बचाना हम सभी का मुख्य कर्तव्य है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि विगत वर्षों के आंकड़ों के आधार पर सभी सर्किलों को ए बी सी ग्रुप में विभाजित किया जाएगा, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि किन क्षेत्रों में आग से अधिक नुकसान हुआ है। उन्होंने सभी बीटों में 24 घंटे अग्निशमन मशीन तैनात रखने के निर्देश भी दिए। जल-जंगल-जमीन की रक्षा से ही बस्तर का भविष्य सुरक्षित: विधायक दंतेवाड़ा चैतराम अटामी ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए तीखे शब्दों में कहा कि सिर्फ जल-जंगल-जमीन को अपना कह देने से कुछ नहीं होगा, यह साबित करना पड़ेगा कि वह हमारे हैं, और यह तभी साबित होगा जब हम उन्हें बचाएंगे। उन्होंने तेंदूपत्ता शाख कर्तन एवं तेंदूपत्ता संग्रहण के महत्व को बताते हुए कहा कि जंगल और जंगल से मिलने वाले वनोपज के बिना बस्तरवासियों का जीवन संकट में पड़ जाएगा। जंगल को सहेजना हम सभी का सर्वोपरि दायित्व है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *