भास्कर न्यूज | चिरमिरी शहर की जर्जर सड़कों, पेयजल संकट और बढ़ती गंदगी जैसी मूलभूत समस्याओं को लेकर कांग्रेस और इंटक श्रम संगठन ने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रविवार को बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने नगर निगम कार्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और निगम आयुक्त रामप्रसाद आंचला को 38 बिंदुओं पर आधारित ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे नेताओं ने नगर निगम पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में पूरी तरह विफल रहा है। इंटक के क्षेत्रीय अध्यक्ष अब्दुल सलीम और लोकमंच अध्यक्ष व पूर्व महापौर के. डोमरु रेड्डी ने आरोप लगाया कि निगम में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी का बोलबाला है। उन्होंने कहा कि कमीशन के लालच में अनावश्यक सामग्री खरीदकर फायर स्टेशन के गोदाम में सड़ने के लिए छोड़ दी गई है, जिसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। ज्ञापन में हल्दीबाड़ी से बड़ा बाजार तक जर्जर सड़क का पुनर्निर्माण और शहर की सड़कों के गड्ढों की मरम्मत, नियमित साफ-सफाई, पेयजल आपूर्ति, जल टंकियों की सफाई और पीलिया से मृत लोगों के परिजनों को मुआवजा, ठेका कर्मचारियों का समय पर वेतन, बीमा लाभ और मृतक कर्मचारी बाबूलाल के परिजनों को सहायता राशि का भुगतान, सिटी बस, एम्बुलेंस और शव वाहन व्यवस्था को दुरुस्त करना, प्रधानमंत्री आवास के लिए पट्टा वितरण और निविदा प्रक्रिया में गड़बड़ी की जांच सहित अन्य मांग की गई। कांग्रेस और इंटक कार्यकर्ताओं ने भाजपा शासित नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन 38 बिंदुओं पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में नगर निगम का घेराव कर उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान राजेंद्र चाफेकर, सत्यप्रकाश सिंह, संतोष विश्वकर्मा, सुरेश विश्वकर्मा, शशिकांत सिंह, मुराद अली, श्रीकांत, काजल, वरुण शर्मा, साबीर खान, आशुतोष मिश्रा आदि मौजूद रहे।


