अलवर के पटवारी करण सिंह चौधरी के निलंबन आदेश पर कोर्ट स्टे के बावजूद बहाल नहीं करने पर जिले भर के पटवारी सोमवार से मिनी सचिवालय के बाहर हड़ताल कर बैठ गए हैं। जिससे जिले भर में जमीनों के नामांतरण सहित छोटे-बड़े काम ठप हो गए हैं। पहले पेन डाउन हड़ताल कर चेताया था। लेकिन उनकी मांग नहीं मानी तो अब सब हड़ताल पर उतर आए हैं। पटवार संघ अलवर के जिला महामंत्री संतोष कुमार ने बताया कि अलवर कलेक्टर ने पटवारी करण चौधरी को सस्पेंड कर दिया। सिविल सेवा प्राधिकरण से 7 जनवरी को स्थगन आदेश आ आए। लेकिन कलेक्टर ने दुबारा ज्वाइन नहीं कराया गया। इसके विरोध में राजस्थान पटवार संघ ने ज्ञापन दिया। 27 जनवरी को दुबारा ज्ञापन दिया। अब समस्त पटवारी जिला मुख्यालय पर धरना दे रहे हैं। संघ के संयुक्त मंत्री मनोज कुमार मीणा ने बताया कि हमारे पटवारी करण चौधरी स्थगन आदेश लेकर आ चुके हैं। जिन्होंने पहले तहसीलदार को प्रार्थना पत्र दिया। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। एक दिन पेन डाउन हड़ताल कर चुके हैं। फिर भी नहीं सुना गया। चेतावनी के अनुसार अब सब पटवारी हड़ताल पर हैं। जिससे कामकाज ठप हो गए हैं। जब तक मांग नहीं मानी जाएगी सब हड़ताल पर रहेंगे। पटवारी को दिसंबर 2025 में किया था निलंबित पटवारी करण सिंह पर वर्ष 2024 में देव खेड़ा इलाके में तैनाती के दौरान विरासत की जमीन का इंतकाल चढ़ाने का आरोप है। पिता की मौत के बाद जमीन का इंतकाल बेटों के नाम किया गया था। मामले में एडीएम की रिपोर्ट के आधार पर अलवर कलेक्टर ने 24 दिसंबर 2025 को पटवारी करण सिंह को निलंबित कर दिया था। इसके बाद पटवारी करण सिंह ने कोर्ट का रुख किया और निलंबन आदेश पर स्टे ले आए। कोर्ट से स्टे मिलने के बाद 13 जनवरी 2026 को उन्होंने कलेक्टर, तहसीलदार और उपखंड अधिकारी को कोर्ट का आदेश सौंपकर बहाली की मांग की, लेकिन अब तक आदेश जारी नहीं किया गया है। इसी बात को लेकर पटवारियों में भारी नाराजगी है।


