ब्यावर जिले के अतीतमंड गांव में खान एवं भू-विज्ञान विभाग की ड्रोन सर्वे टीम पर हुए हमले के विरोध में सोमवार को कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश लेकर प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में खनन विभाग सहित मंत्रालयिक और तकनीकी विभागों के कर्मचारी शामिल हुए। संभागभर के खनन विभाग के कर्मचारियों ने भी इस विरोध का समर्थन किया। खनन विभाग की ड्रोन सर्वे टीम अतीतमंड गांव में अवैध खनन की जांच के लिए पहुंची तो उसके साथ मारपीट की गई। आरोप है कि सर्वे शुरू होते ही निवर्तमान सरपंच दुष्यंत सिंह और उनके साथियों ने विभागीय कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज, मारपीट और पथराव किया। हमले में वरिष्ठ महिला फोरमैन अनीता वीरचंदानी और इंजीनियर प्रितेश घायल हो गए। इंजीनियर प्रितेश के कान और कनपटी पर गंभीर चोटें आई हैं। हमलावरों ने सरकारी वाहन, निजी वाहन और ड्रोन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि विभागीय टीम को अपनी जान बचाकर मौके से भागना पड़ा। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस हमले का उद्देश्य अवैध खनन को छिपाना और ड्रोन सर्वे को रोकना था। यह मामला सरकारी कार्य में बाधा डालने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और कर्मचारियों पर हमले का स्पष्ट उदाहरण है। संघ ने बताया कि यह कोई अकेली घटना नहीं है। इससे पहले सावर क्षेत्र में खान माफियाओं द्वारा बॉर्डर होमगार्ड के एक जवान की निर्मम हत्या की घटना भी सामने आ चुकी है। इन घटनाओं से प्रदेश में अवैध खनन से जुड़े गिरोहों के बढ़ते दुस्साहस पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ज्ञापन सौंपकर रखी मांगें
घटना के विरोध में खान एवं भू-विज्ञान विभाग के तकनीकी कर्मचारियों ने खान विभाग के प्रमुख शासन सचिव और निदेशक, खान एवं भू-विज्ञान विभाग को अलग-अलग ज्ञापन सौंपा। उन्होंने ब्यावर व सावर की घटनाओं में शामिल सभी दोषियों की शीघ्र गिरफ्तार करने, खान माफियाओं के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने, अवैध खनन की उच्च स्तरीय जांच, ड्रोन सर्वे व फील्ड कार्य के दौरान पर्याप्त पुलिस सुरक्षा, प्रत्येक खनन कार्यालय में कम से कम 2–3 वाहन उपलब्ध कराने सहित कई मांग रखी। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि फील्ड स्टाफ की सुरक्षा एवं संसाधनों की मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो राज्यभर में विरोध प्रदर्शन और आंदोलन किया जाएगा।


