भास्कर न्यूज | लुधियाना लुधियाना जंक्शन रेलवे स्टेशन पर इन दिनों चल रहे निर्माण कार्य के बीच यात्रियों की दिक्कतें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। हैरानी की बात यह है कि जो परेशानी सामने आई है उसका निर्माण कार्य से कोई लेना-देना नहीं, बल्कि सीधे तौर पर स्टेशन प्रबंधन की लापरवाही से जुड़ी है। प्लेटफॉर्म नंबर 4 और 5 पर लगी कोच पोजीशन लाइट्स महीनों से खराब पड़ी हैं, जिससे यात्रियों को अपने डिब्बे ढूंढने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। इन लाइट्स का मकसद प्लेटफॉर्म पर खड़े यात्रियों को यह बताना होता है कि उनका कोच प्लेटफॉर्म पर किस जगह रुकेगा। लंबी दूरी की ट्रेनों में स्लीपर, एसी और जनरल कोच अलग-अलग स्थान पर लगते हैं। जब यह लाइट सिस्टम काम करता है तो यात्री पहले से सही जगह खड़े हो जाते हैं। लेकिन अब लाइट्स बंद होने के कारण लोग पूरी ट्रेन के साथ भागते नजर आते हैं। स्टेशन पर मौजूद यात्रियों का कहना है कि अनाउंसमेंट तो होते हैं, लेकिन कोच पोजीशन की साफ जानकारी नहीं मिलती। खासकर बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे बच्चों के साथ यात्रा करने वाले परिवारों को ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। केस 1: भागदौड़ में गिरते-गिरते बची सोनल नाम की युवती बेगमपुरा एक्सप्रेस से सफर करने आई थी। उसके हाथ में बड़ा बैग और साथ में उसकी मां भी थी। उसने बताया कि उसे पहले से पता था कि उसका कोच थर्ड एसी का है, इसलिए वह कोच पोजीशन लाइट देखने प्लेटफॉर्म पर खड़ी थी। लेकिन जब वहां कोई लाइट ही नहीं जली तो उसे अंदाजा नहीं लग पाया कि कोच कहां रुकेगा। ट्रेन आते ही भीड़ एक तरफ भागी और वह भी सामान उठाकर दौड़ पड़ी। कोच काफी आगे निकला। भागदौड़ में उसकी मा घबरा गई और वह खुद भी गिरते-गिरते बची। सोनल का कहना है कि अगर लाइट्स चल रही होतीं तो उसे इतनी परेशानी नहीं होती। मुकेश, जो गांव से मंडी का काम निपटा कर जनरल डिब्बे में सफर करने आया था, उसे भी यही समस्या झेलनी पड़ी। उसने बताया कि वह पहली बार इस स्टेशन से सफर कर रहा था। उसे किसी ने बताया कि जनरल कोच पीछे लगता है, लेकिन ट्रेन आने पर स्थिति उलटी निकली। लाइट्स बंद होने की वजह से उसे सही जगह का अंदाजा नहीं हुआ। ट्रेन रुकते ही भीड़ धक्का-मुक्की करने लगी। मुकेश का कहना है कि जनरल डिब्बे में चढ़ना पहले ही मुश्किल होता है, ऊपर से सही पोजीशन न पता हो तो हालत और खराब हो जाती है। यात्रियों का कहना है कि यह सुविधा कोई नई नहीं, बल्कि स्टेशन की बेसिक व्यवस्था का हिस्सा है। अगर निर्माण कार्य चल भी रहा है तो इस सिस्टम को दुरुस्त रखना जरूरी है, क्योंकि यह सीधे यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा से जुड़ा है।


