बोकारो | हर साल की तरह इस साल भी शब ए बारात का त्योहार मंगलवार को सूर्यास्त से लेकर बुधवार सुबह फजर तक मुस्लिम बहुल इलाकों में हर्षोल्लास और सादगी के साथ मनाया जाएगा। यह पाक रात नमाजे मगरिब के बाद शुरू होकर फजर तक चलेगी। शब ए बारात को मगफिरत, तौबा और दुआ कबूल होने की रात माना जाता है। इस रात रब्बुल आलमीन अपने बंदों की दुआएं कबूल करते हैं। यह जानकारी रिजवानुल होदा ने दी। मान्यता है कि इसी रात इंसानों के सालभर के अच्छे और बुरे कर्मों का लेखा-जोखा फरिश्ते अल्लाह के सामने पेश करते हैं। इस मौके पर मस्जिदों और घरों में फातिहा ख्वानी की जाएगी। लोग पूरी रात कुरान मजीद की तिलावत, नमाज, तस्बीह और इबादत में मशगूल रहेंगे। अपने गुनाहों की माफी और बेहतर भविष्य के लिए विशेष दुआएं मांगी जाएंगी। शब-ए-बरात के अवसर पर लोग कब्रिस्तानों में जाकर अपने पूर्वजों और तमाम मरहूमों के लिए मगफिरत की दुआ करते हैं। इस दिन खास तौर पर हलवे का फातिहा किया जाता है, जो हजरत ओवैस करनी की याद में किया जाता है।


