शिशु यूरोलॉजी में सटीक सर्जरी औरदीर्घकालिक देखभाल का संतुलन पेडियाट्रिक यूरोलॉजी चिकित्सा का अत्यंतसंवेदनशील और जटिल क्षेत्र है, जहां जन्मजातविकृतियों का उपचार केवल सर्जरी तक सीमितनहीं होता, बल्कि दीर्घकालिक फॉलो-अप,पुनर्वास और मनोवैज्ञानिक सहयोग भी आवश्यकहोता है। पीबीएम यूरोलॉजी विभाग ने बीते वर्षों मेंजटिल मामलों के लिए मानकीकृत सर्जिकलप्रोटोकॉल, उन्नत उपकरणों और टीम आधारितउपचार पद्धति को अपनाया है। यूएस आईकॉन मेंप्रस्तुत वीडियो इस बात का प्रमाण हैं कि विभागकेवल उपचार सेवा ही नहीं दे रहा, बल्किवैज्ञानिक दस्तावेजीकरण और शिक्षण में भीअग्रणी भूमिका निभा रहा है। इससे युवा सर्जनोंको प्रशिक्षण के साथ-साथ रोगियों को उच्चगुणवत्ता वाली सर्जिकल सुविधा मिल रही है। डॉ.मुकेश चंद्र आर्य ने कहा कि यह उपलब्धि पूरेविभाग, रेजिडेंट्स, नर्सिंग स्टाफ और मेडिकलकॉलेज प्रशासन के सामूहिक प्रयासों का परिणामहै। विभाग भविष्य में पेडियाट्रिक एवंरिकंसट्रक्टिव यूरोलॉजी में और अधिक उन्नततकनीकों को अपनाने की दिशा में कार्यरत है। जटिल पेडियाट्रिक सर्जरी पर दो उत्कृष्ट वीडियो प्रस्तुतियों ने बटोरी विशेषज्ञों की सराहना सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज (पीबीएम),बीकानेर का यूरोलॉजी विभाग एक बार फिरराष्ट्रीय मंच पर अपनी विशेषज्ञता का प्रभावछोड़ने में सफल रहा। यूरोलॉजिकल सोसाइटीऑफ इंडिया के 59वें राष्ट्रीय सम्मेलन यूएस आईकॉन 2026 में विभाग ने मजबूत शैक्षणिकऔर सर्जिकल भागीदारी दर्ज कराई। विभागाध्यक्षएवं प्रोफेसर डॉ. मुकेश चंद्र आर्य को वर्ष 2025के दौरान यूरोलॉजी क्षेत्र में सक्रिय अकादमिक योगदान के लिए विशेष प्रशंसा प्रमाण-पत्र प्रदानकिया गया। यह सम्मान इंडियन स्कूल ऑफयूरोलॉजी फैकल्टी तथा यूएसआई फैकल्टी द्वारादिया गया। सम्मेलन 29 जनवरी से 1 फरवरी2026 तक इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर मेंआयोजित हुआ। डॉ. आर्य ने सम्मेलन में दोमहत्वपूर्ण ऑपरेटिव वीडियो प्रस्तुत किए, जिन्हेंराष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने सराहा।पहला वीडियो फेमिनाइजिंग जेनिटोप्लास्टी परआधारित था, जो जटिल जन्मजात जननांगविकृतियों के सर्जिकल सुधार से संबंधित है। दूसरा वीडियो मेल एपिस्पेडियास के 25 मरीजोंकी सर्जिकल श्रृंखला पर केंद्रित था, जिसमेंरिकंसट्रक्टिव सर्जरी की उन्नत तकनीकों कोदर्शाया गया। इन प्रस्तुतियों ने पेडियाट्रिकयूरोलॉजी के क्षेत्र में विभाग की तकनीकी दक्षताऔर अनुभव को उजागर किया। विभाग केएसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अजय गांधी ने ब्लेडर नेकरिकंस्ट्रक्शन पर एक सर्जिकल वीडियो प्रस्तुतकिया। वहीं यूरोलॉजी रेजिडेंट्स डॉ. नरेंद्र ढाकाऔर डॉ. रोहित खंडेलवाल ने मॉड रेटेड पोस्टरसत्र में अपने शोध कार्य प्रस्तुत कर विभाग कीअकादमिक सक्रियता को दर्शाया। सम्मेलन कीथीम यूरोलॉजी अनलीश्ड: इनोवेशन्स, इनसाइट्स एंड इम्पैक्ट आधुनिक तकनीक,अनुसंधान और रोगी-केंद्रित सर्जिकल दृष्टिकोणपर आधारित रही। पीबीएम विभाग की भागीदारीइसी दिशा में उसके निरंतर प्रयासों को दर्शाती है।


