सीआईपी: नौकरी से हटाने के फैसले पर विरोध तेज, 156 सुरक्षाकर्मियों का अनिश्चितकालीन धरना शुरू

केंद्रीय मनोचिकित्सा संस्थान (सीआईपी), कांके में नौकरी से हटाए गए 156 निजी सुरक्षाकर्मियों ने मंगलवार से शांतिपूर्वक अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। लंबे समय से संस्थान में कार्यरत सुरक्षाकर्मियों को हटाए जाने से नाराज गार्ड्स ने इसे आजीविका पर सीधा हमला बताया है। धरनास्थल पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के पहुंचने से आंदोलन को और बल मिला। सुबह झामुमो के वरीय केंद्रीय नेता समनूर मंसूरी, रांची जिला संयोजक सदस्य सोनू मुंडा, प्रखंड अध्यक्ष नवीन तिर्की, शबीबुल रहमान, मोहम्मद शहाबुद्दीन सहित अन्य नेता धरनास्थल पर पहुंचे। समनूर मंसूरी ने कहा कि 15 से 20 वर्षों से अधिक समय से कार्यरत सुरक्षाकर्मियों को हटाना अमानवीय और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि झामुमो हमेशा गरीबों, मजदूरों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष करती रही है और इस आंदोलन को पूरा समर्थन देती है। इसके बाद कांके विधायक सुरेश कुमार बैठा, प्रखंड अध्यक्ष संजर खान, कमलेश राम, ऐनुल हक अंसारी और लालचंद सोनी धरनास्थल पर पहुंचे। विधायक के पहुंचते ही गार्ड्स का मनोबल बढ़ गया। विधायक के नेतृत्व में सभी सुरक्षाकर्मी निदेशक कक्ष पहुंचे और बाहर बैठकर नारेबाजी की। विधायक सुरेश बैठा ने निदेशक डॉ. वीके चौधरी से गार्ड्स को हटाने का कारण पूछा। निदेशक ने इसे स्वास्थ्य मंत्रालय का निर्णय बताया। इस पर विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई। विधायक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सभी सुरक्षाकर्मियों की बहाली होनी चाहिए, इससे कम कोई समझौता स्वीकार नहीं होगा। निदेशक ने पूर्व में हुए विवादों का हवाला दिया, जिसे गार्ड्स के प्रतिनिधि ने खारिज किया। काफी देर चली बातचीत के बाद निदेशक डॉ. वीके चौधरी ने मंत्रालय से पत्राचार करने पर सहमति जताई और यह जानकारी धरनास्थल पर गार्ड्स को दी। महिला गार्ड्स ने भावुक होकर रोजी-रोटी बचाने की गुहार लगाई। सुरक्षाकर्मियों ने शांतिपूर्वक आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया।

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