भास्कर न्यूज | बगोदर कैंपस में जातीय भेदभाव के खिलाफ सख्त कानून बनाने तथा रोहित एक्ट की तर्ज पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की गाइडलाइंस को सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में लागू करने की मांग को लेकर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने बुधवार को बगोदर में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सरिया रोड से एक मार्च निकाला गया, जो बाजार क्षेत्र का भ्रमण करते हुए बस स्टैंड पहुंचा, जहां यह नुक्कड़ सभा में तब्दील हो गया। आइसा की प्रदेश अध्यक्ष विभा पुष्पा दीप ने कहा कि आइसा यूजीसी द्वारा उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्धन के िलए जारी रेगुलेशन 2026 का स्वागत करती है, लेकिन इसके साथ यह भी मांग करती है कि इंजीनियरिंग, मेडिकल सहित सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में रोहित एक्ट की तर्ज पर ठोस और बाध्यकारी गाइडलाइंस लागू की जाएं। उन्होंने कैंपस में जातीय भेदभाव के खिलाफ अलग से सख्त कानून बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। आरोप लगाया कि शैक्षणिक संस्थानों में सभी मानदंड पूरे करने के बावजूद छात्रों को एनएफएस बताकर बाहर किया जा रहा है, जिसका सीधा असर अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्ग के छात्रों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कैंपस में आज भी जातीय भेदभाव के साथ-साथ नस्लीय भेदभाव मौजूद है। उन्होंने सख्त कानून बनाने और व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने की अपील की। प्रदर्शन में आशा कुमारी, ज्योति कुमारी, मांजना कुमारी, सावित्री कुमारी, प्रियंका कुमारी, प्रियांशु कुमारी, कल्पना कुमारी, संजू कुमारी, सृष्टि श्रेया, आशीष कुमार, पप्पू कुमार रूपेश, निर्मल कुमार, पंकज कुमार महतो, पिंकी कुमारी, मनिता कुमारी, सुजल कुमारी, करिश्मा कुमारी सहित आइसा से जुड़े छात्र-छात्राएं शामिल रहे।


