कैदियों को परिजनों से मिलने व मोबाइल पर बात करने की खुली छूट…
इलाज के नाम पर रिम्स में भर्ती होने वाले कैदी मौज फरमा रहे हैं। कैदी रिम्स को न सिर्फ आरामगाह की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं, बल्कि अब तो इसे परिवार वालों से मुलाकात करने व फोन पर बातचीत करने का एक सुरक्षित ठिकाना मान लिया है। इलाज के नाम पर रिम्स पहुंचा कोई कैदी बगैर हथकड़ी लगाए बेड पर आराम फरमाता है तो कोई मोबाइल पर काफी देर तक बातचीत करता है। सुरक्षा में तैनात जवान भी इन कैदियों को ऐसा करने से नहीं रोकते। कई सुरक्षाकर्मी तो इलाज के लिए भर्ती कैदी को हथकड़ी लगाकर बेड के सहारे रस्सा बांधकर वहां से गायब हो जा रहे हैं। वार्ड में आकर कैदी से कब-कब कौन मुलाकात कर रहा, इसकी भनक भी उसे नहीं है। यह हाल तब है, जब यहां के मेडिसिन वार्ड से एक दिन पहले ही बाल कैदी वहां तैनात 3 सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर फरार हो चुका है। लापरवाह तीनों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड भी किया जा चुका है। घटना के अगले दिन ही दैनिक भास्कर के रिपोर्टर ने रिम्स में भर्ती कैदियों की सुरक्षा व्यवस्था की पड़ताल की तो सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों की लापरवाही दिखी।
ऐसी आजादी और कहां… हत्या के आरोपी को बेड पर अकेला छोड़ गायब थे सुरक्षाकर्मी हत्या के आरोपी पुरुषम बिरुआ को चाईबासा जेल से इलाज के लिए रिम्स भेजा गया है। वह एमआईसीयू वार्ड में भर्ती है। चाईबासा जिला बल के दो सिपाही भी उसके साथ हैं। दैनिक भास्कर रिपोर्टर ने बुधवार की दोपहर वार्ड में पहुंच कर पड़ताल की तो पता चला कि कैदी को हथकड़ी लगाकर रस्सा को बेड के सहारे बांधकर दोनों सुरक्षाकर्मी गायब हैं। काफी देर तक इंतजार करने के बाद एक जवान वार्ड में पहुंचा। पूछने पर उसने कहा कि रिपोर्ट लेने गया था। फिलहाल दूसरा जवान रूम गया हुआ है। वह अकेला ही ड्यूटी पर है। एमआईसीयू में ही बेड नंबर डबल्यू-3 पर जमशेदपुर से आया कैदी लक्ष्मण मुंडारी की सुरक्षा में भी दो जवानों को तैनात किया गया है। लेकिन कैदी को उसके परिजनों के साथ छोड़कर दोनों ही फरार मिले। सीने में दर्द की शिकायत पर रिम्स पहुंचा गबन का आरोपी, प|ी-बेटा के साथ काट रहा दिन गबन के आरोपी उपेंद्र नाथ मंडल को 5 दिन पहले ही जेल भेजा गया था। उसने जेल में जाते ही सीने में दर्द की शिकायत की। आनन-फानन में जेल प्रशासन ने उसे बेहतर इलाज के लिए रिम्स भेजा। एमआईसीयू वार्ड में वह भर्ती है। कैदी उपेंद्र की सुरक्षा में रांची जिला बल के जवान सच्चिदानंद सिंह आैर अशोक कुमार को तैनात किया गया है। इसके बावजूद कैदी के साथ उसकी प|ी व बेटा मौजूद हैं। जिनसे बातचीत करते हुए उपेंद्र नाथ मंडल समय काट रहा है। सुरक्षा में तैनात जवान सच्चिदानंद सिंह के सामने ही कैदी लगातार फोन पर बात भी कर रहा है, पर जवान उसे नहीं रोक रहे। पूछे जाने पर सच्चिदानंद ने कहा कि कैदी अपने वकील से बात कर रहा था। प|ी व बेटा मिलने के लिए पहुंचे हैं तो कैसे रोक सकते हैं। जवान ड्यूटी में लापरवाही करते पाए जाएंगे तो कार्रवाई होगी


