मेडिकल कॉलेज नए अस्पताल की सिटी स्कैन मशीन खराब:दस किलोमीटर दूर एमबीएस में जाना पड़ता है मरीजों को, बार बार आ रही दिक्कत

कोटा मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को जांचों के लिए परेशान होना पड़ रहा है। खासकर सिटी स्कैन मशीन खराब होने के चलते मरीजों को नए अस्पताल और एमबीएस अस्पताल के बीच चक्कर काटने पड़ रहे हैं। नए अस्पताल में सिटी स्कैन मशीन पिछले चार -पांच दिन से खराब है। ऐसे में जिन मरीजों की सिटी स्कैन लिखी जा रही है उन्हें या तो एमबीएस अस्पताल जाना पड़ रहा है या फिर मशीन ठीक होने का इंतजार करना पड़ रहा है। एमबीएस अस्पताल में भी आसानी से नंबर नहीं मिल रहा। मेडिकल कॉलेज कोटा के एमबीएस अस्पताल व नवीन मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ही गंभीर मरीजो के लिए सिटी स्केंन की फ्री सुविधा उपलब्ध है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सिटी स्केन के लिए 116 स्लाइड की मशीन लगी हुए है। मरीजो की अपेक्षा इस मशीन की क्षमता कम होने से आए दिन सिटी स्कैन मशीन में खराब होती है। पिछले चार पांच दिन से मशीन फिर काम नहीं कर रही है। जिसके चलते यहां से मरीजों की जांच के लिए एमबीएस में व्यवस्था दी गई। पिछले एक महीने में दो बार मशीन खराब हो चुकी है। वहीं डायग्नोस्टिक विभाग के डॉक्टर हर्षवर्धन ने बताया कि मशीन में खराबी आ गई थी। इसे ठीक करने के लिए इंजीनियर काम कर रहे है। जांच के लिए मरीजों को फिर से करना पड़ता है इंतजार
एनएमसीएच अस्पताल में इलाजे के लिए आने वाले मरीजो को सिटी स्कैन के लिए दोनो तरफ कागजी काम करने पड़ रहे है। पहले पर्ची बनाने के बाद नए अस्पताल के डॉक्टरों को दिखाना पड़ता है, जांच लिखने पर मशीन खराब होने की स्थिति में एमबीएस अस्पताल जाना, फिर वहीं फिर से सिटी स्कैन लिखवाना। मरीजों को दोबारा लाइन में लगकर पर्ची बनाने व डॉक्टर के सिटी स्कैन लिखने के बाद डॉक्यूमेंट लेकर आने के बाद जांच का नंबर मिलता है। मरीज हो रहे परेशान
अस्पताल में इलाज के लिए अनीता ने बताया कि उनके पिता श्रीलाल मेघवाल को सोमवार को मेडिकल कॉलेज में दिखाया था। मशीन खराब होने की वजह से बुधवार तक जांच नहीं हो सकी। इसके बाद एमबीएस अस्पताल पहुंचे और यहां फिर से जांच लिखवाई। इसी तरह कुकडा खुर्द के रहने वाली रवि रवि गुर्जर के सिर में चोट लगी थी। सिटी स्कैन होनी थी लेकिन मशीन खराब होने की वजह से उसे भी एमबीएस अस्पताल आना पड़ा। यहां फिर से पर्ची बनवाकर नए अस्पताल का पर्चा दिखा डॉक्टर से जांच लिखवानी पड़ी।

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