कोटा के रामगंजमंडी क्षेत्र में ताक़ली बांध डूब क्षेत्र से विस्थापित ग्रामीणों ने पीने के पानी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। रघुनाथपुरा गांव के ग्रामीण चेचट-गोविंदा मार्ग पर पानी के बर्तन लेकर सड़क पर धरने पर बैठ गए। अधिकारियो को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। ग्रामीणों का कहना था की मजदूरी करने जाए या पानी की व्यवस्था करें। बाद में फोन पर अधिकारियों के आश्वासन पर धरने से उठे। ग्रामीणों ने सुबह साढ़े 9 से दोपहर 12 बजे तक धरना दिया। ओर पेयजल के साथ बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। करीब ढाई घंटे तक चेचट से एमपी की ओर जाने वाली सड़क पर बैठे रहे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पहले 7 टेंकर से गांव में पानी की सप्लाई की की जा रही थी। बाद में इन्हे घटाकर 2 कर दिया। पिछले आठ दिनों से घरों में पीने का पानी नहीं पहुंचा है। पेयजल के लिए डाली गई पाइपलाइन कई जगह से टूटी पड़ी है। बार-बार शिकायत के बावजूद उसमें पानी नहीं छोड़ा गया। नूरपुरा में पानी की टंकी बनने के बावजूद आज तक उससे नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। ग्रामीणों ने बताया कि विधानसभा चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में सिंचाई विभाग और पीएचईडी अधिकारियों ने तीन माह में टंकी से जल सप्लाई शुरू कराने का आश्वासन दिया था। लेकिन चुनाव को ढाई साल बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। विस्थापन के बाद से ही बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे ग्रामीणों में इसको लेकर भारी आक्रोश है।


