भास्कर न्यूज | दंतेवाड़ा संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बस्तर द्वारा लगभग चार वर्षों के लंबे अंतराल के बाद उच्च प्राथमिक शालाओं में प्रधानपाठक के रिक्त पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। इस क्रम में 4 फरवरी 2026 को पदोन्नति हेतु पात्र अभ्यर्थियों की सूची जारी की गई। जारी सूची के अनुसार शिक्षक एलबीटी संवर्ग के 1300, एलबीई संवर्ग के 30 तथा नियमित टी संवर्ग के 235 शिक्षकों को पदोन्नति हेतु पात्र घोषित किया गया है। हालांकि, वर्तमान में प्रकाशित पात्र सूची को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। शालेय शिक्षक संघ का आरोप है कि वर्ष 2022 में प्रधानपाठक उच्च प्राथमिक शाला पद पर पदोन्नति प्राप्त कर पदोन्नति स्वीकार नहीं करने वाले 216 शिक्षक एलबी संवर्ग के नियम विरुद्ध पुनः पात्र सूची में शामिल किए गए हैं। इसी प्रकार नियमित टी संवर्ग की सूची में भी पूर्व में पदोन्नति से इंकार करने वाले शिक्षकों को स्थान दिया गया है। छत्तीसगढ़ लोक सेवा (पदोन्नति) नियम की कंडिका 15 के अनुसार पदोन्नति से इंकार करने वाले शिक्षकों को निर्धारित अवधि तक पुनः पदोन्नति का प्रस्ताव नहीं दिया जा सकता। शालेय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संतोष कुमार मिश्र ने इसे नियमों की अवहेलना बताते हुए कहा कि इससे निचले क्रम के लगभग 350 पात्र शिक्षक पिछले चार वर्षों से पदोन्नति से वंचित हैं, जिससे उन्हें आर्थिक व मानसिक नुकसान उठाना पड़ा है और कई उच्च प्राथमिक शालाएं प्रधानपाठक विहीन रहीं। संघ के प्रांतीय पदाधिकारी शैलेश कुमार सिंह एवं कुलदीप सिंह चौहान ने मांग की है कि विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक में नियमों का अक्षरशः पालन करते हुए पूर्व में पदोन्नति से इंकार करने वाले शिक्षकों को सूची से पृथक रखा जाए।


