भास्कर न्यूज |लुधियाना केंद्र सरकार की कथित पूंजीपति समर्थक और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, कर्मचारी फेडरेशनों और संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 12 फरवरी को एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल आयोजित की जा रही है। इस विरोध प्रदर्शन में पंजाब के पावरकॉम और ट्रांसको के बिजली कर्मचारी व पेंशनर्स संगठन बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। संगठनों की संयुक्त बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि बिजली संशोधन विधेयक 2025 और चार लेबर कोडों के विरोध में कर्मचारी सड़कों पर उतरेंगे। बैठक की अध्यक्षता रतन सिंह मजारी और गुरप्रीत सिंह गंडीविंड ने की, जिसमें पीएसईबी इम्प्लाइज ज्वाइंट फोरम, बिजली कर्मचारी एकता मंच और जूनियर इंजीनियर एसोसिएशन समेत कई प्रमुख यूनियनें शामिल हुईं। नेताओं ने चेतावनी दी कि बिजली संशोधन विधेयक 2025 लागू होने से क्रॉस सब्सिडी खत्म हो जाएगी, जिससे आम उपभोक्ताओं के लिए बिजली महंगी और पहुंच से बाहर हो जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार 29 श्रम कानूनों को खत्म कर निजीकरण और ठेका प्रणाली को बढ़ावा दे रही है, जिससे स्थायी रोजगार का संकट पैदा होगा। हड़ताल के दौरान पेंशनर्स पूरे पंजाब में काले बिल्ले लगाकर प्रदर्शन करेंगे। कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि संसद सत्र में यह विधेयक पेश किया गया, तो उसे ‘काला दिन’ मानकर संघर्ष और तेज किया जाएगा। साथ ही पावरकॉम प्रबंधन पर भी कर्मचारी समझौतों को लागू न करने का आरोप लगाते हुए तीखा रोष व्यक्त किया गया।


