राजधानी के विभिन्न थाना क्षेत्रों में गश्ती ड्यूटी करने वाली पीसीआर व पेट्रोलिंग गाड़ी को फिर एक बार अघोषित रूप से तेल मिलना बंद हो गया है। पेट्रोल पंप का बकाया काफी ज्यादा बढ़ने के बाद सभी थानों को पुलिस लाइन से तेल का कूपन मिलना बंद हो गया है। यही वजह है कि संबंधित थानेदार तेल लेने के लिए अब चालक को पेट्रोल पंप पर नहीं भेज रहे हैं। ऐसे में अब 2 या 3 के बजाए एक ही गाड़ी से इलाके में गश्त कराया जा रहा है। बाकी गाड़ियां थाने की शोभा बढ़ा रही हैं। गश्ती करने निकली उस एक गाड़ी के चालक को भी हिदायत दी जा रही है कि तेल बचाकर रखेंगे। गश्ती में तैनात पदाधिकारी को भी निर्देश देकर भेजा जा रहा है कि चालक को बेवजह इधर
-उधर लेकर नहीं जाएंगे। थाना से निकलने के बाद चिह्नित जगहों पर ही गाड़ी लगाकर वहां से आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखने का निर्देश दिया जा रहा है। 3 दिनों से तेल मिलना बंद होने के बाद अब संबंधित गाड़ी चालक के समक्ष मुश्किल हालात खड़े हो गए हैं। इक्का-दुक्का गाड़ी में थानेदार ही खुद से मैनेज कर तेल डलवा रहे हैं। पुलिस गश्ती कम हुई तो बढ़ीं अपराध की घटनाएं, 3 दिन में दो जगह चोरी, फायरिंग भी
तेल नहीं मिलने से पुलिस की गश्ती कम हो गई है। गश्ती के लिए निकली पुलिस पार्टी भी राउंड लगाने के बजाए सड़क किनारे गाड़ी खड़ी कर समय काट रही है। अपराधी भी पुलिस की सुस्ती का फायदा उठा रहे हैं। यही वजह है कि शहर में दो जगहों पर लगातार दो दिन दुकान में चोरी हो गई। एक जेवर दुकान और दूसरी फ्रूट्स दुकान। वहीं, दिनदहाड़े अस्पताल के बाहर फायरिंग कर अपराधी भाग गया, पुलिस नहीं पकड़ पाई। चार तस्वीरों से समझिए… सुबह से रात तक थाने में ही खड़े हैं गश्ती वाहन एक-दो थानेदारों की काफी पैरवी के बाद पुलिस लाइन पहुंची उनकी गश्ती गाड़ी के चालक को तेल का कूपन दिया जा रहा है। वरीय पदाधिकारियों की सभी गाड़ियों को पुलिस लाइन से तेल कूपन दिया जा रहा है। विभाग में इसकी खूब चर्चा है, पर अधिकारिक रूप से कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है। राम बिलास पेट्रोल पंप के संचालक मुकेश ने बताया कि पुलिस विभाग की किसी भी गाड़ी को तेल देने से मना नहीं किया गया है। जो भी लोग कूपन लेकर पहुंच रहे हैं, उन्हें तेल दिया जा रहा है।


