तेजाजी नगर पुलिस की गंभीर लापरवाही:एमडी ड्रग बता 11 माह जेल में सड़ाया यूरिया निकली, अब पेश किया खात्मा

बॉलीवुड फिल्मों की तर्ज पर ही इंदौर में तेजाजी नगर पुलिस की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। मुखबिर की सूचना पर रालामंडल क्षेत्र से पकड़े गए दो युवकों को पुलिस ने 198 ग्राम एमडी ड्रग्स के आरोप में एनडीपीएस एक्ट में जेल भेज दिया, लेकिन 11 महीने बाद जांच रिपोर्ट में वह ड्रग्स नहीं, बल्कि साधारण यूरिया पाउडर निकला। पुलिस ने चुपचाप अदालत में चालान की जगह खात्मा रिपोर्ट पेश की, जिसे अपर सत्र न्यायालय ने स्वीकार कर लिया। 26 फरवरी 2025 को पुलिस ने विजय पाटीदार और शाहनवाज को 198 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ पकड़ा। पुलिस टीम में उप निरीक्षक रवि बट्टी, मनोज दुबे, प्रधान आरक्षक देवेंद्र परिहार, अभिनव शर्मा तथा आरक्षक गोविंदा और दीपेंद्र राणा शामिल थे। पुलिस ने मौके पर ही सूंघकर अंदाजा लगाया कि यह एमडी ड्रग्स है। मामले में दोनों करीब 11 महीने तक जेल में रहे। उसके बाद हाई कोर्ट से अंतरिम जमानत मिली। लंबे समय तक कारावास के कारण दोनों का करियर प्रभावित हुआ, परिवार को बदनामी झेलनी पड़ी। अपराध गैर-जमानती इसलिए जेल एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला गैर-जमानती होने के कारण कोर्ट ने दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। इसके बाद 15 अप्रैल 2025 को पुलिस ने ड्रग्स को सीलबंद कर जांच के लिए भोपाल भेजा। भोपाल से 27 जून 2025 को मिली रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं होने पर नमूना हैदराबाद भेजा गया। हैदराबाद से 9 दिसंबर 2025 को स्पष्ट रिपोर्ट आई कि उक्त पाउडर एमडी ड्रग्स नहीं, बल्कि यूरिया है। पुलिस केवल चखने और सूंघने के आधार पर केस बनाती है एमडी ड्रग्स सिंथेटिक ड्रग्स की श्रेणी में आता है। ये चरस, अफीम, गांजा की तरह नेचुरल ड्रग्स नहीं होता हैै। एमडी ड्रग्स के मामलों में पुुलिस शंका के आधार पर ही केस बनाती है। इस मामले में दोनों निर्दोष युवक पुलिसकर्मियों पर आपराधिक केस करने, भारी मुआवजा दिलाने के लिए याचिका दायर कर सकते हैं। – जैसा सीनियर एडवोकेट विवेक सिंह ने बताया भास्कर इनसाइट आरक्षक भी फंसा था, वीडियो में कबूला तो खात्मा कैसे? मामले में दोनों संदिग्धों ने आजाद नगर थाने में पदस्थ सिपाही लखन गुप्ता का नाम भी उगला था। पुलिस ने लखन को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। 14 दिन बाद लखन की जमानत हुई। सिपाही बोला-मुझे साथियों ने ही फंसाया मुझसे रंजिश रखते हुए प्रधान आरक्षक संजय मालाकार और राजू बघेल ने अफसरों को गलत जानकारी दी थी। इसी विवाद में मुझे भी जेल भिजवा दिया था। जेल से छूटने के बाद से मैं सस्पेंड चल रहा हूं। अब मैं भी इन पर केस लगाऊंगा। – लखन गुप्ता, सिपाही, जिन पर सांठ-गांठ के आरोप लगे

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