झारखंड में सरकारी तालाबों की बंदोबस्ती का दायरा पंचायत स्तर तक ही सीमित रहेगा। पंचायत के अधीन पड़ने वाले सरकारी तालाब में अब उसी पंचायत के लोगों को बोली लगाने और उसके बाद मछली पालन का मौका मिलेगा। अब दूसरे जिले के लोग किसी पंचायत में सरकारी तालाब की बंदोबस्ती में भाग नहीं ले पाएंगे। बहुत जल्द इसे लेकर नियमावली बनाई जाएगी। राज्य की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने सोमवार को औचक निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारियों को ये निर्देश दिए। वे शाम को अचानक रांची में औचक निरीक्षण के लिए निकली थीं। इस दौरान उन्होंने डोरंडा स्थित मत्स्य निदेशालय केंद्र मछली पार्क और धुर्वा स्थित मत्स्य अनुसंधान केंद्र का औचक निरीक्षण किया। मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की इस दौरान कुव्यवस्था को देख कर काफी नाराज हुईं। उन्होंने 10 दिनों के अंदर इसमें सुधार लाने का निर्देश दिया।


