सिटी रिपोर्टर | रांची समाहरणालय सभागार में गुरुवार को महाशिवरात्रि पर्व के सफल संचालन के लिए बैठक आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता उपायुक्त सह अध्यक्ष, रांची पहाड़ी मंदिर विकास समिति मंजूनाथ भजंत्री ने की। साथ ही सदस्यों द्वारा दिए गए सुझावों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं, सुरक्षा, सजावट, विधि-व्यवस्था एवं अन्य पहलुओं पर चर्चा हुई। महाशिवरात्रि के अवसर पर प्रातः सरकारी पूजा के समापन के उपरांत सुबह 4 बजे से आम भक्तों के लिए मंदिर का द्वार खोला जाएगा। सभी मंदिरों में अरघा सिस्टम से जलाभिषेक कराया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन व पूजा का अवसर प्राप्त हो। समस्त मंदिरों की पुष्पों से भव्य सजावट की जाएगी व आकर्षक पुष्प द्वार का निर्माण किया जाएगा। पूर्व से कार्यरत टेंट हाऊस से टेन्ट, कुर्सी, टेबल, बैरिकेडिंग आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। खोया-पाया एवं अन्य महत्वपूर्ण सूचनाओं के प्रसारण हेतु प्रभावी साउंड सिस्टम की स्थापना की जाएगी। आरती का लाइव प्रसारण दूरदर्शन से करने पर विचार किया गया। विधि-व्यवस्था, यातायात व्यवस्था, नगर निगम, चिकित्सा दल एवं अग्निशमन दल की पर्याप्त प्रतिनियुक्ति हेतु संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया। पुलिस, वॉलंटियर्स, पाहन सदस्यों एवं अन्य ड्यूटी में तैनात कर्मियों के लिए भोजन की उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। अतिरिक्त मजदूरों की नियुक्ति करने के निर्देश। अतिरिक्त कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए। श्रद्धालुओं से अपील की कि महाशिवरात्रि के दौरान प्लास्टिक का उपयोग न करें। महिला सुरक्षा पर विशेष बल देते हुए निर्देश दिए गए कि छेड़छाड़, छिनतई, पॉकेटमारी व चोरी जैसी घटनाओं पर पूर्ण रोक लगाने हेतु महिला एवं पुरुष पुलिस बल के साथ-साथ सादे लिबास में पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती करने एवं इस वर्ष ऐसी घटनाओं पर विशेष सतर्कता बरती जाएगी। अनुमंडल पदाधिकारी को पहाड़ी मंदिर के आस-पास अतिक्रमण हटाने तथा पुलिस अधीक्षक को असामाजिक तत्वों पर नजर रखते हुए स्थानीय थाना द्वारा निरंतर पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।


