मध्यप्रदेश सरकार द्वारा सभी जन-कल्याणकारी योजनाओं के लिए समग्र ई-केवाईसी अनिवार्य किए जाने के बावजूद, भोपाल में इसकी रफ्तार बेहद धीमी है। नगर निगम द्वारा पिछले एक साल से चलाए जा रहे अभियान के बाद भी अब तक सिर्फ 50% समग्र आईडी का ही वेरिफिकेशन हो पाया है। शहर के कुल 21 में से 12 जोन ऐसे हैं, जहां आंकड़ा 50% को भी नहीं छू सका है। यह स्थिति जनवरी के अंतिम सप्ताह में थी।
शासन के नए नियमों के मुताबिक, अब राशन, पेंशन, स्कूल एडमिशन और आधार से जुड़ी सेवाओं का लाभ तभी मिलेगा जब समग्र आईडी ई-केवाईसी के जरिए वेरिफाई होगी। समग्र आईडी वेरिफाई नहीं होने के पीछे अधिकारी दो मुख्य कारण बता रहे हैं। पहला- कई समग्र आईडी में पता और मोबाइल नंबर नहीं हैं। इनमें से भी अधिकांश सिंगल आईडी हैं। दूसरा- शादीशुदा महिलाओं के नाम अपडेट नहीं होने से परेशानी आ रही है। कई जोन ऐसे हैं जो औसत दर्जे (45-60%) पर टिके हुए हैं। इनमें जोन 17 (60.97%) सबसे ऊपर है, जबकि जोन 15 (44.40%) और जोन 4 (44.08%) में अभी काफी काम बाकी है। अब निगम इसके लिए कैंप लगाकर अभियान चलाने पर काम कर रहा है। नहीं तो ये सेवाएं अटकेंगी समग्र आईडी की ई-केवाईसी को शत-प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है। जरूरत पड़ने पर गलत या डबल आईडी डिलीट की जाएंगी। सभी जोनों को टारगेट दिया गया है।
-संस्कृति जैन, कमिश्नर, नगर निगम


