ग्वालियर रेलवे स्प्रिंग फैक्ट्री में ब्लास्ट:200 टन गैस क्षमता वाली पाइपलाइन में रिसाव की आशंका, डीआरएम ने दिए जांच के आदेश

ग्वालियर के सिथौली रेलवे स्टेशन के पास स्थित रेलवे स्प्रिंग फैक्ट्री में गुरुवार दोपहर आग लगने की घटना की जांच के लिए झांसी डीआरएम ने कमेटी गठित कर दी है। यह कमेटी घटना के सभी पहलुओं पर विस्तार से जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। वहीं घायलों के परिजन ठेकेदार पर आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि ठेकेदार कोई सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराता है। जिस कारण कर्मचारी गंभीर घायल हुए हैं। बता दें कि इस घटना में पांच कर्मचारी झुलसे हैं, जिन्हें नजदीक के आईटीएम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार दोपहर करीब 3 से 4 बजे के बीच फैक्ट्री में नियमित मरम्मत कार्य चल रहा था। इसी दौरान तेज धमाका हुआ और फैक्ट्री परिसर में आग लग गई। हादसे में रेलवे के मैकेनिकल विंग टेक्निशियन हेमंत चौबे सहित कांट्रैक्ट कर्मचारी योगेश, कौशल श्रीवास्तव, शब्बीर और एक निजी कर्मचारी अमर सिंह झुलस गए। रेलवे की आरएसके टीम ने करीब 10 मिनट में आग पर काबू पा लिया और घायलों को आईटीएम अस्पताल पहुंचाया। 200 टन से अधिक गैस स्टोरेज क्षमता कर्मचारी पहले से खराब पड़ी टेंपर मशीन की मरम्मत कर रहे थे, जिसे मेसर्स ताइकिशा द्वारा रिपेयर किया जाना था। प्राथमिक जानकारी में मशीन से सटी एलपीजी गैस पाइपलाइन में रिसाव के कारण ब्लास्ट की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि पाइपलाइन में 200 टन से अधिक गैस स्टोरेज क्षमता थी, जिससे समय पर आग पर काबू नहीं पाया जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। 40 से 60 प्रतिशत तक झुलसे कर्मचारी
घायलों का इलाज कर रहे अस्पताल के डॉ. सोफी शकील ने बताया किसी गैस रिसाव के चलते कर्मचारी 30 से 60 प्रतिशत तक झुलस गए हैं। इनमें 1 व्यक्ति 60, दूसरा 40 प्रतिशत, तीसरा 30 और चौथा 35 प्रतिशत तक झुलस गया है। जिन्हें कम से कम 72 घंटे तक ऑब्जर्वेशन में रखा जाएगा। चोट मुख्य रूप से चेहरे, हाथों, पैरों और एब्डॉमल एरिया में है। मामले को दबाने की कोशिश
सूत्रों की मानें तो मामले को पूरी तरह दबाने का प्रयास किया गया। घटना दोपहर की है और पुलिस को देर शाम जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस फैक्ट्री पहुंची और आगे की कार्रवाई की। हालांकि रेलवे के अधिकारी अब भी चुप्पी साधे हुए हैं। कमेटी गठित होगी जांच
झांसी रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि पहले से खराब मशीन की मरम्मत के दौरान हादसा हुआ है। सभी घायल सुरक्षित हैं और उनका इलाज चल रहा है। आग पर 10 मिनट में ही काबू पा लिया गया था। डीआरएम के आदेश पर मामले की विस्तृत जांच के लिए एक कमेटी गठित की है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों और जिम्मेदारों का पता चल पाएगा।फैक्ट्री में सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
ठेकेदार पर भी लापरवाही के आरोप
बताया जा रहा है कि हादसा ठेकेदार की लापरवाही के कारण हुआ है। घायलों के परिजनों ने बिना नाम बताए बताया कि ठेकेदार द्वारा किसी भी तरह के सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे। इसी वजह से हादसा होने पर लोग घायल हुए। पुलिस का कहना है झांसी रोड थाना प्रभारी शक्ति सिंह ने बताया कि हादसा बड़ा है लेकिन फैक्ट्री में कोई नुकसान नहीं है। प्रथम दृष्टया धमाका एलपीजी के रिसाव की वजह से होने की आशंका जताई जा रही है। मामला जांच में है। जांच में जो तथ्य निकलकर आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… ग्वालियर रेलवे स्प्रिंग फैक्ट्री में गैस रिसाव से आग ग्वालियर से करीब 15 किलोमीटर दूर सिथौली स्थित भारतीय रेलवे की स्प्रिंग फैक्ट्री में गैस रिसाव के कारण आग लग गई। इस हादसे में पांच कर्मचारी झुलस गए, जिनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। यह घटना मेंटेनेंस कार्य के दौरान हुई। झांसी रोड थाना क्षेत्र की सिथौली रेलवे स्प्रिंग फैक्ट्री में मेंटेनेंस के दौरान गैस लीक होने से अचानक आग भड़क उठी। पढ़ें पूरी खबर…

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