आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (एईएसएल) ने भारतीय सेना के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) किया है। इस साझेदारी का उद्देश्य वर्तमान में सेवा दे रहे सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को शैक्षणिक सहायता और कल्याणकारी लाभ प्रदान करना है। इस एमओयू के तहत एईएसएल देशभर में स्थित अपने सभी केंद्रों पर भारतीय सेना से जुड़े विद्यार्थियों को विशेष छात्रवृत्तियाँ और सुविधाएं प्रदान करेगा। इसमें सेवारत और सेवानिवृत्त सैनिकों के साथ-साथ वीरता पुरस्कार विजेता, दिव्यांग सैनिक और ड्यूटी के दौरान शहीद हुए जवानों के परिवार शामिल हैं। यह समझौता भारतीय सेना की ओर से कर्नल, सेरेमोनियल एंड वेलफेयर 34 और एईएसएल की ओर से डॉ. यश पाल, चीफ अकैडमिक एंड बिजनेस हेड, दिल्ली-एनसीआर की ओर से हस्ताक्षरित किया गया। एमओयू के अंतर्गत ड्यूटी के दौरान शहीद हुए सैनिकों के बच्चों को केवल रजिस्ट्रेशन फीस देनी होगी, जबकि बाकी पूरी फीस में 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। वहीं, 20 प्रतिशत से अधिक विकलांगता वाले सैनिकों और वीरता पुरस्कार प्राप्त कर्मियों के बच्चों को भी 100 प्रतिशत ट्यूशन फीस माफ की जाएगी। इसके अलावा, सेवारत और सेवानिवृत्त सैनिकों के बच्चों को 20 प्रतिशत ट्यूशन फीस में छूट मिलेगी, जो अन्य स्कॉलरशिप घटाने के बाद लागू होगी। एईएसएल की मौजूदा स्कॉलरशिप योजनाएं भी पहले की तरह जारी रहेंगी। एईएसएल के एमडी और सीईओ चंद्र शेखर गरिसा रेड्डी ने कहा कि हमारा मानना है कि शिक्षा उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है। भारतीय सेना के साथ यह साझेदारी हमारे बहादुर सैनिकों के बलिदान को सम्मान देने का एक प्रयास है। स्कॉलरशिप, मेंटरिंग और काउंसलिंग के जरिए हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि सैनिकों के बच्चे अपनी पूरी क्षमता तक पहुंच सकें और भविष्य में नेतृत्व की भूमिका निभा सकें।


