धार के मुख्य डाकघर में करीब 35 लाख रुपए के वित्तीय घोटाले का मामला सामने आया है। पोस्ट मास्टर कुणाल मकवाना पर अपने सहयोगियों के साथ मिलकर ग्राहकों की जमा राशि का गबन करने का आरोप लगा है। आरोप है कि उसने लाड़ली लक्ष्मी योजना और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) सहित विभिन्न योजनाओं के खातों से रकम निकालकर निजी उपयोग में ली। जानकारी के अनुसार, लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत बच्चियों के खातों से 6 लाख 19 हजार रुपए, जबकि ग्राहकों की करीब 23 लाख रुपए की एफडी राशि का गबन किया गया। यह राशि राष्ट्रीय बचत पत्र (NSC), एफडी और लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत डाकघर में जमा थी। मामले में पोस्ट मास्टर के साथ डिप्टी पोस्ट मास्टर, डाक सहायक पाल सिंह और निर्मल सिंह परमार की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। शिकायत के बाद नर्मदापुरम से आरोपी गिरफ्तार शिकायत मिलने के बाद नौगांव थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी कुणाल मकवाना को होशंगाबाद (नर्मदापुरम) से गिरफ्तार किया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। मामले में शामिल दो अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस द्वारा की जा रही जांच में आशंका जताई जा रही है कि गबन की राशि 35 लाख रुपए से भी अधिक हो सकती है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने योजनाओं और जमाओं में बड़े पैमाने पर हेराफेरी कर राशि को निजी कार्यों में खर्च किया। उल्लेखनीय है कि मुख्य आरोपी कुणाल मकवाना राष्ट्रीय स्तर का पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी रहा है। उसने 1996, 1998 और 1999 में ऑल इंडिया बैडमिंटन चैंपियनशिप सहित राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कई खिताब जीते हैं। खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के चलते उसे स्पोर्ट्स कोटे से डाक विभाग में पोस्ट मास्टर के पद पर नियुक्ति मिली थी। अब उसी पद के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।


