पीड़ित ने 5 दिन में 18 सीसीटीवी खंगाल कर पकड़ा एक्टिवा चोर

लुधियाना| फरवरी का पहला सप्ताह भी अभी पूरा नहीं हुआ कि शहर में लगातार लूट और मारपीट की वारदातों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 1 फरवरी से 5 फरवरी के बीच अलग-अलग इलाकों में सुबह 4 बजे से लेकर 6 बजे के दौरान छह वारदातें हुईं। इनमें से कुछ वारदातें आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो चुकी हैं, बावजूद इसके पुलिस की लचर कार्यशैली से बदमाश बेखौफ हैं। 5 फरवरी बाग वाली गली में सुबह 5:30 बजे सफाई सेवक सुदेश कुमार को ड्यूटी के दौरान तीन युवकों ने दात दिखा कर उसकी जेब में रखी नकदी व मोबाइल छीन लिए। गले पर हथियार रखकर कान में पहनी वालियां उतारने की कोशिश की। लेकिन जब वालियां नहीं निकली तो बदमाश उन्हें घायल अवस्था में वहीं छोड़कर भाग निकले। इसी सुबह गुलचमन गली में राहगीर राकेश कुमार को काम पर जाते समय बदमाशों ने निशाना बनाते हुए उसके गले से सोने की चेन छीन ली और धमकाते हुए मौके से फरार हो गए। 5 फरवरी की सुबह 6 बजे प्राचीन गऊशाला के निकट स्थित जौहर स्वीट शॉप के मालिक बॉबी जोहर को भी बदमाशों ने पीटा, एक्टिवा भी तोड़ दी वह जब काफी घायल हो गए तो बदमाशों ने उनकी तलाशी लेनी शुरू कर दी। उन्होंने किसी तरह एक घर में छिपकर जान बचाई। फोन और पर्स एक्टिवा की डिग्गी में थे। इसलिए बच गए। 46 दिन से पुलिस नहीं दर्ज कर रही पर्चा लुधियाना| हालांकि थानों की हदबंदी, पुलिस की कथित लापरवाही के चलते वेटरनरी असिस्टेंट सोनू कुमार अपने से हुई लूट की एफआईआर दर्ज होने का इंतजार पिछले 46 दिनों से कर रहा है। 23 दिसंबर की रात जीआरडी कॉलोनी, गांव कका निवासी सोनू से 7 बदमाशों ने बेरहमी से मारपीट कर 2 मोबाइल फोन और 18,940 रुपए की नकदी लूट ली। सोनू ने आरोप लगाया कि उसने राहगीरों की मदद से पीसीआर टीम को सूचना दी, लेकिन कोई मदद के लिए मौके पर नहीं पहुंचा। अगले दिन जब पीड़ित थाना टिब्बा पहुंचा तो पुलिस ने वारदात की हद नहीं होने का हवाला देकर उसे वापस भेज दिया। थाना मेहरबान का मुंशी ने पांच दिन बाद उसे वारदात का इलाका अपने थाना क्षेत्र में नहीं होना बताकर लौटा दिया। फिर पीसीआर से फोन करवाने के बाद ही केस दर्ज करने की बात कही गई। लेकिन आज तक उसकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं हुई। पुलिस की संजीदगी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जब एसएचओ जगदीप गिल से बात की गई तो उन्होंने कहा, मामले की जानकारी नहीं थी, अब केस दर्ज करवा दिया जाएगा।” पीड़ित सोनू {1 फरवरी की रात जोधेवाल बस्ती चौक के पास गुरनीत नगर निवासी लेख राज व उसके बेटे रोहित कुमार के साथ बाइक पर जाते वक्त रास्ते में तीन बाइक सवार बदमाशों ने हथियार दिखा मोबाइल फोन लूट लिए। { 2 फरवरी की सुबह 5:34 बजे प्राचीन संगला वाला शिवाला मंदिर रोड पर हुई, जहां एक्टिवा सवार बुजुर्ग बिल्ला को बदमाशों ने मंदिर जाते वक्त तीन अज्ञात युवकों ने रोका। हथियार दिखाकर डराया तो उसने खुद ही जेब से नकदी निकालकर दे दी। बदमाशों ने सोने की अंगूठी भी छीन ली। {3 फरवरी को सुंदर नगर पुली घाटी मोहल्ला में बदमाशों ने एक युवक को घायललूट के मामलों में पुलिस की संजीदगी के दावों की असलियत को दर्शाते दो मामले सामने आए हैं। जहां एक केस में पीड़ित ने खुद पुलिस की भूमिका निभाते हुए 5 दिन में 18 सीसीटीवी खंगालते हुए अपनी एक्टिवा चोरी करने वाले को ढूंढ निकाले। दूसरा मामला जगीरपुर कट के पास 23 दिसंबर की रात का है जहां बदमाशों की मारपीट और लूट का शिकार वेटरनरी असिस्टेंट की 43 दिन बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। जानकारी अनुसार ईशर नगर निवासी परमजीत सिंह को जब दुकान के बाहर से एक्टिवा चोरी होने के बाद पुलिस से कोई मदद न मिली तो उसने खुद ही पांच दिन तक करीब 18 सीसीटीवी की फुटेज खंगाली। परमजीत ने बताया कि उसकी रविवार को एक्टिवा चोरी हुई थी, पुलिस चौकी मराडो में शिकायत लिखवाई। मदद नहीं मिली तो खुद वीडियो शेयर किए। शुक्रवार को दोस्त की सूचना पर वही युवक-युवती पहचान लिए और एक्टिवा भी बरामद कर ली।

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