अधर्म के नाश के लिए प्रभु ने धरा वराह रूप: कथा व्यास

भास्कर न्यूज | लुधियाना गुरु नानक नगर डाबा लोहारा रोड स्थित निवास स्थान पर आयोजित आठ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन श्रद्धालुओं का भारी उत्साह देखने को मिला। कथा व्यास पं. अवधेश पांडेय ने अपनी ओजस्वी वाणी से भगवान विष्णु के वराह अवतार के प्रसंग का अत्यंत मार्मिक और सजीव वर्णन किया। भक्तिमय वातावरण में डूबे भक्तों ने जयकारों के साथ समूचे क्षेत्र को गुंजायमान कर दिया। कथा के दौरान पंडित ने बताया कि जब दैत्य हिरण्याक्ष ने पृथ्वी को ले जाकर पाताल लोक में छुपा दिया था, तब धर्म की रक्षा और पृथ्वी के उद्धार के लिए भगवान विष्णु ने वराह रूप धारण किया। उन्होंने विस्तार से समझाया कि यह प्रसंग हमें सिखाता है कि जब-जब पृथ्वी पर पाप और अत्याचार बढ़ता है तब-तब परमात्मा किसी न किसी रूप में अवतरित होकर अधर्म का विनाश करते हैं। कथा वाचक ने कहा कि भागवत श्रवण मात्र से मनुष्य के जन्म-जन्मांतर के पाप कट जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस पावन अवसर पर मुख्य यजमान दिनेश मल्होत्रा एवं पूनम मल्होत्रा ने व्यास पीठ का पूजन कर मंगल आरती की। कार्यक्रम में विशेष रूप से पं. आदर्श तिवारी, वेद प्रकाश पांडे, ओमप्रकाश तिवारी, जगदीश कुमार और पंकज कुमार उपस्थित रहे। इनके साथ ही आदेश्वरी, अनुरीत, मोहित डाली, ललित, रवि, रोहित, साहिल और पम्मा आदि ने कथा का श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। आयोजन समिति ने बताया कि आगामी 7 फरवरी को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जाएगा।

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