पंजाब में फरीदकोट के गांव चंदभान में पानी निकासी के विवाद को लेकर धरने हटाने के दौरान मजदूरों और पुलिस के बीच टकराव मामले में गिरफ्तार 39 मजदूरों को बिना शर्त रिहा कर दिया गया। मामले को लेकर मजदूरों संगठनों की एक्शन कमेटी के साथ समझौते के बाद तीन महिलाओं समेत 36 मजदूरों को मंगलवार रात यहां की केंद्रीय मॉडर्न जेल से रिहा कर दिया गया। जबकि 3 को पुलिस ने थाने से रिलीज कर दिया। एक्शन कमेटी ने किया स्वागत वहीं कानूनी प्रक्रिया पूरी करवाने के बाद इन सभी मजदूरों को एक निजी बस में जेल से बाहर लाया गया और उसी बस से पुलिस सुरक्षा के बीच उन्हें गांव चंदभान भेज दिया गया। जेल से रिहाई के बाद मजदूर नेताओं और एक्शन कमेटी के सदस्यों ने सभी को हार पहनाकर स्वागत किया। हिरासत के दौरान पुलिस ने खूब पीटा जेल से बाहर आए मजदूरों ने कहा कि हिरासत के दौरान उन्हें पुलिस ने उन्हें बहुत पीटा, लेकिन उन्हें खुशी है कि एक्शन कमेटी ने उन्हें रिहा करवाया है और वह जीतकर घर लौट रहे है। रिहाई के बाद मजदूरों ने एक्शन कमेटी का आभार जताया। एसएसपी कार्यालय घेरने की दी थी चेतावनी बता दें कि चंदभान में पानी निकासी के विवाद को लेकर धरने के दौरान पुलिस पर हमले मामले में तीन महिलाओं समेत 39 की गिरफ्तारी हुई थी। जिसमें से 3 रिमांड पर थे, जबकि 36 को जेल भेजा था। इस मामले में एक्शन कमेटी द्वारा 10 फरवरी को एसएसपी दफ्तर घेरने की चेतावनी के बाद पुलिस प्रशासन झुक गया था। तोड़फोड़ के मुआवजे की मांग इस मौके पर एक्शन कमेटी के सदस्य नौनिहाल सिंह और अन्य मजदूर नेताओं ने कहा कि बेकसूर मजदूरों की रिहाई हो चुकी है और अब कसूरवार लोगों की गिरफ्तारी करवाने, मजदूरों को उनके घरों की तोड़फोड़ का मुआवजा दिलवाने समेत अन्य मांगों को लेकर संघर्ष जारी रहेगा। यदि अन्य मांगें पूरी ना हुई, तो 17 फरवरी को एसएसपी दफ्तर का घेराव किया जाएगा।


