जिला अस्पताल में कायाकल्प सर्वे के बाद अब एनक्यूएएस (नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड) सर्टिफिकेशन की तैयारियां जोरों पर हैं। मार्च के पहले सप्ताह में दिल्ली से आने वाली नेशनल एसेसमेंट टीम तीन दिनों तक अस्पताल का मूल्यांकन करेगी। अस्पताल प्रशासन ने सर्टिफिकेशन के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। 21 विभागों में विशेष सुधार किए गए हैं, जिनमें हर्बल गार्डन की स्थापना, साइनेज का विकास और स्टाफ की विशेष ट्रेनिंग शामिल है। स्टाफ को मरीजों और उनके परिजनों से बेहतर व्यवहार के लिए प्रशिक्षित किया गया है, साथ ही डॉक्टरों को भी विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने होंगे
सर्टिफिकेशन के लिए सभी 21 विभागों को 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने होंगे। एक भी विभाग में 69 प्रतिशत या उससे कम अंक आने पर अस्पताल को सर्टिफिकेशन नहीं मिल पाएगा। एसेसमेंट टीम सबसे पहले एक्सीडेंट इमरजेंसी विभाग का निरीक्षण करेगी, उसके बाद ओपीडी, लेबर रूम, मेटरनिटी वार्ड, मेटरनिटी ओटी, एनआरसी और एसएनसीयू का मूल्यांकन करेगी। सालाना 30 लाख रुपए की राशि मिलेगी
सर्टिफिकेशन मिलने पर अस्पताल को हर बेड 10 हजार रुपए की दर से तीन साल तक सालाना 30 लाख रुपए की राशि मिलेगी। ये राशि मरीजों की सुविधाओं में सुधार के लिए खर्च की जाएगी। प्रशासन वर्तमान में मौजूद कमियों को दूर करने में जुटा है, ताकि बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा सकें।


