फरीदकोट में शनिवार को किरती किसान यूनियन ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार के विरुद्ध मोर्चा खोलते हुए सरकार का पुतला फूँका। किसान नेताओं ने बठिंडा में भारतीय किसान यूनियन (उगराहां) के कार्यकर्ताओं पर हुए पुलिस लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवंत मान सरकार केंद्र के नक्शेकदम पर चलकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के संवैधानिक अधिकार को कुचल रही है और किसानों की आवाज को दबाने के लिए बल प्रयोग कर रही है।
यूनियन नेताओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि एक पुलिस अधिकारी की बाजू टूटने जैसी घटना को आधार बनाकर किसान नेताओं पर हत्या के प्रयास की झूठी धाराएं लगाई गई हैं, जिसके कारण वे पिछले 10 महीनों से जेलों में बंद हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार बिजली संशोधन बिल, बीज बिल और मुक्त व्यापार समझौतों को जबरन लागू करना चाहती है और इन नीतियों का विरोध कर रहे किसान आंदोलन को खत्म करने के लिए ही यह दमनकारी चक्र चलाया जा रहा है। किरती किसान यूनियन के प्रांतीय महासचिव राजिंदर सिंह दीप सिंह वाला ने सरकार को दो टूक चेतावनी देते हुए मांग की कि जेलों में बंद किसान नेताओं को तुरंत रिहा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने अपना अड़ियल रवैया नहीं छोड़ा और दमन बंद नहीं किया, तो आने वाले समय में पंजाब सरकार को एक बहुत बड़े और उग्र किसान आंदोलन का सामना करना पड़ेगा। इस प्रदर्शन में यूनियन के कई वरिष्ठ नेताओं और पीएसयू कार्यकर्ताओं ने भी हिस्सा लिया।


